जमीन पर अब भी काबिज रामनगीना यादव, भगवानदास, रूपनारायन, शिवशंकर आदि ने हाईकोर्ट में केस किया है। उनका कहना है कि उनकी पुश्तैनी जमीन है। वह किसी भी कीमत पर छोड़ेंगे नहीं। हाईकोर्ट से स्टे लिए है, वहीं से फैसला होगा। ऐसे अचानक यह कह देने से की जमीन उनकी नहीं है, वह मान नहीं सकते।
इसे भी पढ़ें: बस्ती एमपी-एमएलए कोर्ट ने ब्योरा मांगा: सजा के बाद कितने दिन जेल और अस्पताल में रहा अमरमणि, बताएं
विजय कुमार कहते हैं-वर्षों से जमीन पर खेती की जा रही है। जब से जन्म हुआ है, तब से यही पता है कि हमारी जमीन है, जमीन की चकबंदी भी चल रही है। महेंद्र ने कहा-पूर्वज बताते हैं कि जमीन पहले जमींदारों की थी। जमींदारों ने गांव के लोगों को सौंप दिया तभी से गांव के लोगों का कब्जा है और सब का नाम भी कागज पर चढ़ा है। फिर अब यह कहना कि जमीन सीलिंग की है और उनका कोई हक नहीं है, यह सही नहीं है।