कैंपियरगंज के खालिद की तहरीर पर पुलिस ने केस दर्ज किया है। आरोप है कि गिरोह में शामिल महिलाएं फर्जी मुकदमा दर्ज कराकर लोगों से वसूली करती हैं। उनकी शिकायत पर पहले दो सीओ ने जांच की थी, जांच रिपोर्ट में आरोप सही पाए जाने पर गैंग के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया था।
23 मई को सीओ ने सौंपी थी जांच रिपोर्ट
तत्कालीन एसएसपी डॉ. विपिन ताडा से पीड़ित खालिद ने शिकायत की थी। एसएसपी के आदेश पर सीओ कैंट ने जांच की और 23 मई 2022 को जांच रिपोर्ट एसएसपी को सौंप दी थी। इसके बाद सीओ बांसगांव ने भी जांच की और पाया कि गिरोह के सदस्य इस तरह का कृत्य कर रहे हैं। इसके बाद उनकी रिपोर्ट भी आ गई। बाद में एसएसपी के आदेश पर पुलिस ने इस मामले में केस तो दर्ज कर लिया, लेकिन कार्रवाई नहीं हो सकी।
वरिष्ठ अधिवक्ता मृत्युंजय राज सिंह ने कहा कि हाईकोर्ट ने दोनों सीओ की जांच रिपोर्ट को आधार मानते हुए 19 दिसंबर तक कार्रवाई का आदेश जारी कर दिया है। हाईकोर्ट के इस फैसले से पीड़ितों में न्याय की उम्मीद बढ़ी है। इस पूरे प्रकरण में न्याय की लड़ाई जारी रहेगी।