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Gorakhpur News: कोर्ट ने दिया आदेश, दुष्कर्म का केस दर्ज कराने वाले गिरोह पर एक महीने में करें कार्रवाई

Thu, 24 Nov 2022 02:13 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।

सार

वरिष्ठ अधिवक्ता मृत्युंजय राज सिंह ने कहा कि हाईकोर्ट ने दोनों सीओ की जांच रिपोर्ट को आधार मानते हुए 19 दिसंबर तक कार्रवाई का आदेश जारी कर दिया है। हाईकोर्ट के इस फैसले से पीड़ितों में न्याय की उम्मीद बढ़ी है। इस पूरे प्रकरण में न्याय की लड़ाई जारी रहेगी।
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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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दुष्कर्म के फर्जी मुकदमे दर्ज कराकर वसूली करने वाले गिरोह के विरुद्ध कार्रवाई को लेकर हाईकोर्ट ने सख्त रुख अख्तियार किया है। कोर्ट ने एसएसपी के हलफनामा को स्वीकार करते हुए इस प्रकरण में 19 दिसंबर तक कार्रवाई का निर्देश दिया है।

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इसके पहले हाईकोर्ट ने एसएसपी को तलब भी किया था, जिसके बाद हलफनामा दाखिल किया गया। कोर्ट ने साफ किया कि दो सीओ की जांच रिपोर्ट या फिर दर्ज केस की स्वतंत्र जांच कर कार्रवाई की जाए।

जानकारी के मुताबिक, सात अगस्त 2022 को कैंट थाने में दुष्कर्म का फर्जी केस दर्ज कराने वाले गिरोह के विरुद्ध केस दर्ज किया गया था, लेकिन अभी तक इस प्रकरण में कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है। यह केस दो सीओ (कैंट व बांसगांव) की जांच रिपोर्ट के बाद दर्ज किया गया था। पुलिस ने केस तो दर्ज कर लिया, लेकिन कार्रवाई के नाम पर कुछ भी नहीं कर सकी है।
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इसी बीच आरोपी बनाए गए लोग अक्तूबर में हाईकोर्ट गए थे। इसी के बाद पूरे मामले में दोनों सीओ की रिपोर्ट के अध्ययन के बाद ही हाईकोर्ट ने एसएसपी को तलब किया था और अब हलफनामा स्वीकार कर 19 दिसंबर तक कार्रवाई का आदेश जारी कर दिया है।

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पीड़ित ने दर्ज कराया था केस

कैंपियरगंज के खालिद की तहरीर पर पुलिस ने केस दर्ज किया है। आरोप है कि गिरोह में शामिल महिलाएं फर्जी मुकदमा दर्ज कराकर लोगों से वसूली करती हैं। उनकी शिकायत पर पहले दो सीओ ने जांच की थी, जांच रिपोर्ट में आरोप सही पाए जाने पर गैंग के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया था।

23 मई को सीओ ने सौंपी थी जांच रिपोर्ट
तत्कालीन एसएसपी डॉ. विपिन ताडा से पीड़ित खालिद ने शिकायत की थी। एसएसपी के आदेश पर सीओ कैंट ने जांच की और 23 मई 2022 को जांच रिपोर्ट एसएसपी को सौंप दी थी। इसके बाद सीओ बांसगांव ने भी जांच की और पाया कि गिरोह के सदस्य इस तरह का कृत्य कर रहे हैं। इसके बाद उनकी रिपोर्ट भी आ गई। बाद में एसएसपी के आदेश पर पुलिस ने इस मामले में केस तो दर्ज कर लिया, लेकिन कार्रवाई नहीं हो सकी।

वरिष्ठ अधिवक्ता मृत्युंजय राज सिंह ने कहा कि हाईकोर्ट ने दोनों सीओ की जांच रिपोर्ट को आधार मानते हुए 19 दिसंबर तक कार्रवाई का आदेश जारी कर दिया है। हाईकोर्ट के इस फैसले से पीड़ितों में न्याय की उम्मीद बढ़ी है। इस पूरे प्रकरण में न्याय की लड़ाई जारी रहेगी।

 
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