आगामी विधानसभा चुनाव से पहले स्वर्णकार समाज ने एकजुटता का संदेश दिया है। प्रदेशभर के अलग-अलग संगठन एक प्लेटफार्म पर आ गए हैं। हर जिले में सम्मेलन करके आगामी विधानसभा चुनाव में प्रतिनिधित्व भी मांग रहे हैं। नवंबर में लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान व गोरखपुर में बड़ा सम्मेलन होगा। इसमें समाज के संगठित होने का संदेश दिया जाएगा।
यूपी के स्वर्णकार समाज को संगठित करने की मुहिम कौड़ीराम क्षेत्र से पूर्व जिला पंचायत सदस्य व संरक्षक विनय वर्मा ने शुरू की है। वह अलग-अलग जिलों में जाकर सम्मेलन कर रहे हैं। साथ ही स्वर्णकार समाज से जुड़े संगठनों को संगठित रहने का मंत्र दे रहे हैं।
पूर्व जिला पंचायत सदस्य का कहना है कि यूपी में स्वर्णकार समाज की आबादी साढ़े छह फीसदी है, फिर भी विधानसभा या फिर विधान परिषद में प्रतिनिधित्व नहीं मिला है। स्वर्णकार समाज का एक भी विधायक नहीं है। यही हाल लोकसभा के चुनाव में भी रहा है। प्रदेश के करीब 75 जिलों को दौरा हो गया है। अब तक स्वर्णकार समाज के 11 नगर पालिका परिषद के चेयरमैन मिले हैं।
पांच ब्लॉक प्रमुख हैं। पार्षदों की संख्या भी कम है। गोरखपुर के ऋषि मोहन वर्मा को ही नगर निगम के उपसभापति की जिम्मेदारी मिली है। गोरखपुर, बस्ती और आजमगढ़ मंडल के अलग-अलग जिलों में भी जल्द ही सम्मेलन करके स्वर्णकार समाज को संगठित किया जाएगा।
सबसे कहा जाएगा कि अगर राजनीतिक दल प्रतिनिधित्व नहीं देते हैं तो किसी एक या दो सीट से समाज का प्रत्याशी लड़ाया जाएगा। ऐसे प्रत्याशी की मदद समाज के सभी लोग करेंगे। मगहर की नगर पालिका चेयरमैन संगीता वर्मा, तमकुहीराज के श्याम सुंदर विश्वकर्मा और हाटा के ऋषि मोहन वर्मा भी इस मुहिम को आगे बढ़ाने में जुटे हैं।
मतदाता अच्छे, फिर भी प्रतिनिधित्व नहीं
विनय वर्मा का कहना है कि शाहजहांपुर की जिस सीट से भाजपा सरकार के कैबिनेट मंत्री सुरेश खन्ना जीतकर आते हैं, वहां स्वर्णकार मतदाताओं की संख्या 45-50 हजार है। खत्री मतदाताओं की संख्या बेेहद कम है। यही हाल जौनपुर, संतकबीरनगर, देवरिया का भी है। गोरखपुर, बस्ती में भी स्वर्णकार समाज के मतदाताओं की संख्या अच्छी है। इसके बावजूद राजनीतिक दल प्रतिनिधित्व देने से कतराते रहे हैं।