केस-1
30 अगस्त 2023: गोरखपुर के गीडा इलाके में ससुराल गए राहुल गुप्ता (30) के गले पर हंसिया से हमला कर घायल कर दिया। आरोप, पत्नी, साली, सास और अन्य ससुरालवालों पर है। वजह घरेल क्लेश है। बताया जा रहा है कि पत्नी मायके से ससुराल नहीं जाना चाह रही थी। मायके वाले भी बेटी का पक्ष ले रहे थे। इसबीच राहुल दोस्त के साथ ससुराल चला गया। यहां पत्नी और ससुराल के लोगों से विवाद हो गया।
केस-2
26 अगस्त 2023: सड़क के किनारे मिले पिपराइच के सुरेश साहनी की मौत का कारण भी शक का कीड़ा था। पुलिस की जांच में सामने आया कि पत्नी से उसके रिश्ते ठीक नहीं थे। वह पत्नी के चरित्र पर संदेह करता था, इस वजह से पत्नी ने अपने दोस्त व रिश्तेदार की मदद से उसे पंचायत में बुलाया। वहां उसे जमकर पीटा गया। मरा समझ कर आरोपियों ने सड़क के किनारे फेंक दिया। बाद में उसकी जान चली गई।
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केस-3
21 अगस्त 2023: महराजगंज के निचलौल क्षेत्र के खोहीली गांव में राजेश पटेल (40) ने खुदकुशी कर ली। जांच में सामने आया कि पत्नी काफी दिनों से मायके बिहार के बगहा में थी। राजेश पत्नी को लेने गया था। पत्नी ने आने से इनकार कर दिया। फिर उसे शक हो गया कि पत्नी की दोस्ती किसी और से है। वह उसे पसंद नहीं करती है। घर आने के बाद उसने खुदकुशी कर ली।
केस-4
6 अगस्त 2023: चौरीचौरा इलाके के बैकुंठपुर गांव में महिला तांत्रिक ऊषा देवी, रिश्तेदार सुनकेश की हत्या में पुलिस ने ऊषा के पति गया को जेल भिजवाया। जांच में सामने आया था कि 28 मई को दोनों की हत्या चरित्र पर संदेह हो गया था। फिर उसने हत्या कर दी। इस दौरान रिश्तेदार आई तो खुद की पहचान छिपाने के लिए उसे भी मौत के घाट उतार दिया।
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वरिष्ठ मानसिक रोग विशेषज्ञ तपस कुमार ने कहा कि किसी भी बात को गहराई से सोचने पर आदमी अवसाद में जा सकता है। लंबे समय तक इस अवस्था में रहने पर वह मनोरोगी होकर कोई भी कदम उठा सकता है। समय से ऐसे मरीज का इलाज किया जाए तो वह पूरी तरह से ठीक हो जाता है। काउंसिलिंग और दवाओं की मदद से उनकी जिंदगी बचाई जा सकती हैं। अगर इलाज में देरी करते हैं तो मरीज इतने गहरे अवसाद में चला जाता है कि खुदकुशी या फिर हत्या जैसी वारदात को अंजाम दे देता है।
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गोरखपुर यूनिवर्सिटी के समाजशास्त्री दीपेंद्र मोहन ने कहा कि आमतौर पर ऐसा तब होता है, जब पति-पत्नी एक-दूसरे को वक्त नहीं दे पाते। दोनों एक-दूसरे से अच्छा व्यवहार नहीं करते। ऐसे में बीच में अगर कोई तीसरा मिल गया तो जुड़ाव हो जाता है। इन परिस्थितियों में लोकलाज सहित सभी बंदिशें टूट जाती हैं। बात आगे बढ़ने पर इसके खतरनाक परिणाम सामने आते हैं। एकल परिवार भी इसकी बड़ी वजह है। कई बार छोटी बात पर कोई समझाने वाला नहीं मिलता है और फिर बात बिगड़ जाती है।