ग्रहों के राजा सूर्य ने मंगलवार की सुबह पांच बजकर 37 मिनट पर आर्द्रा नक्षत्र में प्रवेश कर लिया है। इससे वातावरण में आर्द्रता बढ़ जाएगी जो बेहतर वर्षा का कारक बनेगा। आर्द्रा नक्षत्र में सूर्यदेव छह जुलाई की सुबह 5 बजकर 15 मिनट तक रहेंगे।
रिलीजियस स्कॉलर वेलफेयर सोसाइटी के अध्यक्ष आचार्य ज्योतिषाचार्य पंडित शरद चंद्र मिश्रा ने बताया कि लगभग 15 दिनों का यह समय मानसून को बल देने वाला रहेगा। आर्द्रा नक्षत्र में सूर्यदेव का प्रभाव कम हो जाता है।
आकाश में बादलों का प्रभाव बढ़ता है। प्रकृति में चारों और नमीं और हरियाली बढ़ेगी। मौसम में शीतलता का अहसास होगा। राहु की तरह ही राहु का आर्द्रा नक्षत्र सूर्य को असरहीन करता है। सूर्य प्रभाव घटने से वायु मे प्रदूषण बढ़ने की आशंका बढ़ती है। इससे सुरक्षा रखना जरूरी होता है। आर्द्रा नक्षत्र के बाद सूर्य गुरु के पुनर्वसु नक्षत्र में प्रवेश लेंगे।