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DDU: विश्वविद्यालय और कॉलेज के छात्रों के बीच नहीं होगा भेदभाव, खत्म होगा भारांक

Wed, 15 Nov 2023 02:58 PM IST
vivek shukla संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।

सार

गोविवि कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि विश्वविद्यालय में प्रवेश काउंसिलिंग के दौरान विश्वविद्यालय के छात्रों को पांच और संबद्ध कॉलेज के छात्रों को दो प्रतिशत भारांक अलग से दिया जाता है। वहीं छात्राओं को अलग से दो प्रतिशत भारांक मिलता है। जिससे बाहरी संस्थान के मेधावी छात्र प्रवेश से वंचित रह जाते हैं। इस पर गठित प्रवेश समिति रिपोर्ट तैयार कर रही है।
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DDU Gorakhpur - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में प्रवेश के दौरान बाहरी संस्थानों के छात्रों के साथ भेदभाव समाप्त किया जाएगा। इसके लिए विश्वविद्यालय में प्रवेश के दौरान विश्वविद्यालय और संबद्ध कॉलेज के छात्रों को मिलने वाले भारांक (वेटेज) को समाप्त करने की तैयारी चल रही है। कुलपति के निर्देश पर प्रवेश को लेकर गठित कमेटी इस पर विचार कर रही है।

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गोरखपुर विश्वविद्यालय में प्रवेश के लिए अन्य आरक्षण के साथ विश्वविद्यालय कैम्पस के छात्रों को पांच प्रतिशत और संबद्ध कॉलेजों के छात्रों को दो प्रतिशत भारांक अलग से मिलता है। विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई करने वाले छात्र परास्नातक और अन्य पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए आवेदन करते हैं तो प्रवेश परीक्षा के बाद बनने वाली मेरिट लिस्ट में उनको अतिरिक्त वेटेज का लाभ मिलता है।

वेटेज जुड़ने से उन्हें आसानी से विश्वविद्यालय में प्रवेश मिल जाता है जबकि दूसरे संस्थान से आए छात्र प्रवेश से वंचित रह जाते हैं। ऐसे में बाहरी छात्रों को विश्वविद्यालय में पढ़ाई के लिए आकर्षित करने के लिए परीक्षा समिति का गठन किया गया है। यह समिति प्रवेश प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने को लेकर रिपोर्ट तैयार कर रही है। जिसमें विश्वविद्यालय और संबद्ध कॉलेज के छात्रों को अलग से मिलने वाले वेटेज को समाप्त करने पर विचार किया जा रहा है।
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भारांक के विवाद में तीन बार स्थगित हुई एमएड की काउंसिलिंग

विश्वविद्यालय में एमएड में प्रवेश को लेकर हुई काउंसिलिंग इस बार भारांक के विवाद में तीन बार स्थगित करनी पड़ी। इसको लेकर छात्रों ने धांधली का भी आरोप लगाया। इसको संज्ञान में लेते हुए कुलपति ने प्रवेश में दिए जा रहे अतिरिक्त भारांक की समीक्षा कमेटी को सौंपी है। कमेटी प्रवेश के दौरान मिलने वाले भारांक को लेकर अपनी रिपोर्ट तैयार कर रही है।

छात्राओं को मिलने भारांक पर भी हो रही समीक्षा

विश्वविद्यालय में प्रवेश को लेकर गठित कमेटी छात्राओं को अलग से मिलने वाले भारांक की भी समीक्षा कर रही है। विश्वविद्यालय में विभिन्न पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए छात्राओं को काउंसिलिंग में दो प्रतिशत अलग से भारांक दिया जाता है। संभावना है कि इस भारांक को भी समाप्त कर दिया जाए।

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गोविवि कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि विश्वविद्यालय में प्रवेश काउंसिलिंग के दौरान विश्वविद्यालय के छात्रों को पांच और संबद्ध कॉलेज के छात्रों को दो प्रतिशत भारांक अलग से दिया जाता है। वहीं छात्राओं को अलग से दो प्रतिशत भारांक मिलता है। जिससे बाहरी संस्थान के मेधावी छात्र प्रवेश से वंचित रह जाते हैं। इस पर गठित प्रवेश समिति रिपोर्ट तैयार कर रही है। अगले शैक्षणिक सत्र से अतिरिक्त भारांक को समाप्त किया जा सकता है।
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