भारांक के विवाद में तीन बार स्थगित हुई एमएड की काउंसिलिंग
विश्वविद्यालय में एमएड में प्रवेश को लेकर हुई काउंसिलिंग इस बार भारांक के विवाद में तीन बार स्थगित करनी पड़ी। इसको लेकर छात्रों ने धांधली का भी आरोप लगाया। इसको संज्ञान में लेते हुए कुलपति ने प्रवेश में दिए जा रहे अतिरिक्त भारांक की समीक्षा कमेटी को सौंपी है। कमेटी प्रवेश के दौरान मिलने वाले भारांक को लेकर अपनी रिपोर्ट तैयार कर रही है।
छात्राओं को मिलने भारांक पर भी हो रही समीक्षा
विश्वविद्यालय में प्रवेश को लेकर गठित कमेटी छात्राओं को अलग से मिलने वाले भारांक की भी समीक्षा कर रही है। विश्वविद्यालय में विभिन्न पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए छात्राओं को काउंसिलिंग में दो प्रतिशत अलग से भारांक दिया जाता है। संभावना है कि इस भारांक को भी समाप्त कर दिया जाए।
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गोविवि कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि विश्वविद्यालय में प्रवेश काउंसिलिंग के दौरान विश्वविद्यालय के छात्रों को पांच और संबद्ध कॉलेज के छात्रों को दो प्रतिशत भारांक अलग से दिया जाता है। वहीं छात्राओं को अलग से दो प्रतिशत भारांक मिलता है। जिससे बाहरी संस्थान के मेधावी छात्र प्रवेश से वंचित रह जाते हैं। इस पर गठित प्रवेश समिति रिपोर्ट तैयार कर रही है। अगले शैक्षणिक सत्र से अतिरिक्त भारांक को समाप्त किया जा सकता है।