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यूक्रेन पर हमला: बम के धमाकों के बीच कांप जाती थी रूह, शुक्र है कि जिंदा हूं

Tue, 01 Mar 2022 12:51 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।

सार

गोरखपुर शहर के जाफरा बाजार में मस्जिद रोड की रहने वाली चांदनी ने बताया कि वह दिल्ली में ही रुक गई हैं। मंगलवार को वह फ्लाइट से आएंगी। यूक्रेन से जल्दबाजी में सिर्फ डाक्यूमेंट व कुछ कपड़े ही ला पाई। चांदनी के पिता नरेंद्र कुमार भारती, उत्तर प्रदेश पुलिस में हैं, जबकि मां रेलवे में कार्यरत हैं।
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चांदनी, मनुशरण और संदीप। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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बम के धमाकों के बीच रूह कांप जाती थी। हम लोग जहां थे, युद्ध शुरू होने के पहले ही दिन बमबाजी हुई। सायरन बजा तो सभी लोग भागकर बंकर में छिप गए। दहशत के बीच एक-दूसरे को सभी लोग हिम्मत दे रहे थे। एक-एक पल भारी लग रहा था। भगवान का शुक्र है कि हम लोग जिंदा लौट आए।

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यूक्रेन और रोमानियां बॉर्डर पर रुकीं एमबीबीएस की दो छात्राएं सोमवार को विशेष विमान से भारत पहुंचीं। उन्होंने अमर उजाला से बातचीत में यूक्रेन के हालात को बयां किया। चौरीचौरा कस्बे के व्यवसायी केशव प्रसाद जायसवाल की बेटी वैशाली जायसवाल रात में घर पहुंच गईं।

वैशाली ने बताया कि रविवार की रात रोमानिया बॉर्डर पर हम लोग पहुंच गए थे। रात में ही पहले छात्राओं को बॉर्डर पार कराकर एयरपोर्ट भेजा गया। अभी भी मेरी यूनिविर्सटी के कई छात्र बॉर्डर पर ही फंसे हुए हैं।
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चांदनी भी स्वदेश लौटीं

गोरखपुर शहर के जाफरा बाजार में मस्जिद रोड की रहने वाली चांदनी ने बताया कि वह दिल्ली में ही रुक गई हैं। मंगलवार को वह फ्लाइट से आएंगी। यूक्रेन से जल्दबाजी में सिर्फ डाक्यूमेंट व कुछ कपड़े ही ला पाई। चांदनी के पिता नरेंद्र कुमार भारती, उत्तर प्रदेश पुलिस में हैं, जबकि मां रेलवे में कार्यरत हैं। चांदनी ने कहा कि देश लौटते ही मां से बात की। उन्हें बताया कि पहुंच गई हूं, तो सबकी चिंता दूर हो गई।


रोमानिया बॉर्डर पर ही फंसे हैं मनुशरण

बिछिया निवासी मनशुरण श्रीवास्तव और उनके साथी संदीप सिंह अभी भी रोमानिया में फंसे हुए हैं। मनशुरण रोमानिया बॉर्डर पर हैं, जबकि संदीप सिंह एयरपोर्ट पर रुके हुए हैं। मनुशरण के पिता अतुल श्रीवास्तव ने बताया कि शाम को बेटे से बात हुई। उसने बताया कि रोमानिया बॉर्डर पर एक इंडोर स्टेडियम में हमें ठहराया गया है। खाने-पाने की दिक्कत नहीं है। लेकिन, हमें कब भेजा जाएगा, यह पता नहीं है। अतुल श्रीवास्तव ने बताया कि हमें उम्मीद थी कि सोमवार को मनुशरण आ जाएंगे। उनके न आने से चिंता बढ़ गई है।

 
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