चांदनी भी स्वदेश लौटीं
गोरखपुर शहर के जाफरा बाजार में मस्जिद रोड की रहने वाली चांदनी ने बताया कि वह दिल्ली में ही रुक गई हैं। मंगलवार को वह फ्लाइट से आएंगी। यूक्रेन से जल्दबाजी में सिर्फ डाक्यूमेंट व कुछ कपड़े ही ला पाई। चांदनी के पिता नरेंद्र कुमार भारती, उत्तर प्रदेश पुलिस में हैं, जबकि मां रेलवे में कार्यरत हैं। चांदनी ने कहा कि देश लौटते ही मां से बात की। उन्हें बताया कि पहुंच गई हूं, तो सबकी चिंता दूर हो गई।
रोमानिया बॉर्डर पर ही फंसे हैं मनुशरण
बिछिया निवासी मनशुरण श्रीवास्तव और उनके साथी संदीप सिंह अभी भी रोमानिया में फंसे हुए हैं। मनशुरण रोमानिया बॉर्डर पर हैं, जबकि संदीप सिंह एयरपोर्ट पर रुके हुए हैं। मनुशरण के पिता अतुल श्रीवास्तव ने बताया कि शाम को बेटे से बात हुई। उसने बताया कि रोमानिया बॉर्डर पर एक इंडोर स्टेडियम में हमें ठहराया गया है। खाने-पाने की दिक्कत नहीं है। लेकिन, हमें कब भेजा जाएगा, यह पता नहीं है। अतुल श्रीवास्तव ने बताया कि हमें उम्मीद थी कि सोमवार को मनुशरण आ जाएंगे। उनके न आने से चिंता बढ़ गई है।