पुलिस शैलेंद्र कुमार मिश्र की तहरीर पर केस दर्ज कर जांच कर रही थी। सीओ ने बताया कि रामगढ़ताल पुलिस व एसओजी टीम के साथ रामगढ़ताल इलाके में रविवार को दो लुटेरों से मुठभेड़ हुई थी। जिसमें अजीत मिश्रा उर्फ सोनू बाबा और मनोज चौहान पकड़े गए थे। पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने घटना में शामिल अपने अन्य साथियों का नाम बताया था। जिसमें एसएसबी के जवान मारुति का भी नाम आया था, जिसके बाद कैंट पुलिस ने सोमवार को उसे गिरफ्तार कर जेल भिजवा दिया।
रुपयों के लालच में करने लगा था लूट
सीओ ने बताया कि आरोपी मारुति एसएसबी में तैनात है। पुलिस अब उसके बटालियन से पत्राचार कर संपर्क कर रही है। सही जानकारी जुटा रही है। ताकि, उसके गिरफ्तारी की सूचना उसकी बटालियन तक पहुंचाई जा सके और उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई हो सके। आरोपी मारुति ने बताया कि वह अपने लुटेरे साथियों की सूचना पर किसी भी घटना को अंजाम देने के पहले गांव आता था और लूट की घटना को अंजाम देकर वापस ड्यूटी चला जाता था। पिछले दो महीने से ही वह गांव आया था।
बाइक से करता था रेकी
सीओ कैंट ने बताया कि आरोपी जवान मारुति अपने गांव के दोस्तों के साथ मिलकर लूट की घटना हो अंजाम देता था। अपने दोस्त मनोज चौहान के बताए हुए व्यक्ति को टारगेट करके उसके पीछे अपनी बाइक से लग जाता है। अपने साथियों को उसका लोकेशन बताता रहता है। जैसे ही टारगेट किए हुए व्यक्ति के सूनसाथ स्थान पर रोककर लूट की घटना करता था। इसी प्रकार 4 अप्रैल को हुई लूट की घटना में भी मारुति नंदन ने पीड़ित का पीछा किया था। फिर रुस्तमपुर में वारदात को अंजाम दिया था।
जवान को मिले थे उसके हिस्से के 95 हजार
पुलिस ने एसएसबी के जवान के पास से 95 हजार बरामद किए हैं। ये रुपये उसे लूट की घटना में उसके हिस्से के रूप में मिले थे। जवान ने बताया कि वह ज्यादा रुपये कमाने के लालच में वह बहक गया और गांव के इन लुटेरों के साथ मिल गया। चूंकि, वह अपनी बाइक से रेकी करता था और उसकी बाइक प्रयोग हुई थी। उसने सोचा कि पार्ट टाइम में ऐसा करके लूट कर अच्छी खासी कमाई हो जाती है। मारुति नंदन के खिलाफ इसके पहले और कोई केस दर्ज नहीं है।