शहीदी गुरु पर्व पर शब्द कीर्तन करते भाई नकुल सिंह देहरादून वाले और उनके साथी।
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गोरखपुर में सिख धर्म के नवम सतगुरु श्री गुरु तेग बहादुर का शहादत पर्व रविवार को शहर के प्रमुख गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा जटाशंकर में श्रद्धा पूर्वक मनाया गया। सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक भारी संख्या में गुरु के श्रद्धालुओं ने उपस्थित होकर सत्संग व सेवा में लीन रहकर गुरुजी के प्रति श्रद्धा को निवेदित की।
गुरुद्वारा जटाशंकर में कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 8:30 बजे श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के पाठ से हुई। फिर हजूरी रागी मनप्रीत सिंह खालसा ने साथियों के साथ मिलकर सुबह 10 बजे तक श्री गुरु तेग बहादुर की रचनाओं का मधुर गायन किया। इसके बाद देहरादून से पधारे प्रसिद्ध रागी भाई निकुल सिंह ने लगभग 2 घंटे तक मधुर गुरबाणी गायकी से श्रद्धालुओं को भक्ति रस में डुबोकर रख दिया।
कीर्तन के पश्चात कवयित्री अर्शदीप कौर ने वीर रस अंदाज में गुरु तेग बहादुर पर कविता प्रस्तुत की, जिसे सुनकर सभी जयकारे लगाने लगे। युवा कथा वाचक प्रो. गुरमीत सिंह शेरू ने गुरु तेग के बलिदान गाथा के बारे में लोगों को जानकारी दी।
कहा, औरंगजेब के शासन में मुगल हुकूमत से आम लोगों की रक्षा के लिए गुरु तेग बहादुर पंजाब से चलकर दिल्ली आए और अत्याचारी शासन का विरोध करते हुए धर्म के रक्षार्थ चांदनी चौक पर अपना शीश कटा कर बलिदान दिया। इस दौरान जगनैन सिंह नीटू, जसपाल सिंह, राजेंद्र सिंह, रविंद्र पाल सिंह पप्पू, चरनप्रीत सिंह मंटू, धर्मपाल सिंह राजू आदि मौजूद रहे।