प्रवीण ने बताया कि यह एक स्व निर्देशित वर्कबुक होगी। इसमें शिक्षक के निर्देश पेज के एक हिस्से में लिखे होंगे। जिसको पढ़कर छात्र अभ्यास कर सकेंगे। श्रवण बाधित विद्यार्थियों के साथ ही अन्य दिव्यांगता से पीड़ित बच्चों के लिए भी यह वर्कबुक मददगार होगी।
इनकी भूमिका अहम
विशेष वर्कबुक को तैयार करने में गोरखपुर के प्रवीण मिश्रा के साथ साथ गोंडा, बरेली, अमेठी, बहराइच और हरदोई जिले के आठ शिक्षकों ने अहम भूमिका निभाई है। बता दें, जिले के 2514 परिषदीय स्कूलों में 1035 दिव्यांग विद्यार्थी अध्ययनरत हैं।