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सुरेंद्र हत्याकांड: बेटे की मौत से मां बेहाल, बोली- हमार बाबू के केहू मार देहलस...अब कइसे जीयब

Tue, 01 Aug 2023 11:15 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो गोरखपुर।

सार

मैना खेत में मेहनत करतीं, मजदूरी करतीं और उम्मीद में जिंदगी काट रही थीं। वैसे तो उनका एक और बेटा योगेंद्र भी है, जो ट्रक चालक है, लेकिन वह चाचा रामजीत के साथ रहता है। बचपन से ही उसके साथ रहने की वजह से ज्यादा जुड़ाव नहीं है।
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सुरेंद्र हत्याकांड - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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मां मैना देवी के सामने सुरेंद्र जिंदा जल रहा है, यह देख उनका कलेजा फट रहा है। वह चीख रही हैं- उनके मुंह से एक ही बात निकल रही- हमार बाबू के केहू मार देहलस, अब कइसे जीयब।

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दरअसल, चौरीचौरा के देवीपुर गांव में झोपड़ी में सुरेंद्र यादव को जिंदा जलाकर मार डालने के मामले में वीडियो वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि घटना के समय चाचा रामजीत वीडियो बना रहे थे। उसी वीडियो में मां की वेदना भी रिकॉर्ड हो गई। मां अपनी आंखों से बेटे को जलता देखकर बेसुध हो गई थीं। वह गिरीं और बेहोश हो गई।

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सुबह तक यही सिलसिला चला। वह बेहोश होती थीं और बेटी व घरवाले चेहरे पर पानी छिड़ककर होश में लाते। हर कदम पर बेटे को याद करते मां मैना देवी से पुलिस भी बहुत कुछ जानना चाहती है, लेकिन अभी उनके हाल की वजह से कोई भी बात करने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है।

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सुरेंद्र हत्याकांड - फोटो : अमर उजाला।
मां मैना देवी, बेटे सुरेंद्र के बेहद करीब थीं। पति की 20 साल पहले मौत हो चुकी है। बेटे सुरेंद्र ने तब मां को संभाला था, लेकिन बाद में एक सड़क हादसे में उसके भी दोनों पैर लकवाग्रस्त हो गए थे, लेकिन ट्राई साइकिल पर बैठे बेटे सुरेंद्र को अपने कदमों से चलने की आस में मां मैना देवी लगी रहीं। उसका नियमित इलाज कराती थीं। सुरेंद्र अपने पैरों पर चल सकेगा, यह सुनकर मानों मैना देवी की जिंदगी में नई रोशनी ला देता।

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मैना खेत में मेहनत करतीं, मजदूरी करतीं और उम्मीद में जिंदगी काट रही थीं। वैसे तो उनका एक और बेटा योगेंद्र भी है, जो ट्रक चालक है, लेकिन वह चाचा रामजीत के साथ रहता है। बचपन से ही उसके साथ रहने की वजह से ज्यादा जुड़ाव नहीं है।

इसी बीच मां के खाते में 29 लाख रुपया आए तो उसने ठान लिया कि अब बेटे को बाहर ले जाकर डॉक्टर से दिखा देंगी और उसे ठीक करेगी। यही वजह है कि जेठ रामजीत से झगड़ा होने के बाद भी उसने पैसा देने से इन्कार कर दिया था, लेकिन रविवार की रात ऐसा हुआ कि उसकी जिंदगी से सारी खुशियां सुरेंद्र के साथ ही जिंदा जल गईं।
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