कोरोना संकट के चलते इस बार श्रीकृष्ण जन्माष्टमी भी फीकी रहेगी। लोगों को घरों में ही पूजा पाठ कर पर्व मनाना होगा। मंदिरों में केवल पुजारी पूजा करेंगे। इसके अलावा हर साल जिला जेल, पुलिस लाइंस, जलकल और थानों में होने वाली भव्य जन्माष्टमी पूजा, झांकी व भोज का कार्यक्रम भी इस बार नहीं होगा।
इस जन्माष्टमी पर पुलिसकर्मी थाने में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए पूजा करेंगे। इस दौरान भीड़ नहीं जुटेगी। एडीजी जोन ने इस संबंध में दिशा निर्देश जारी कर दिए हैं।
बता दें कि पूर्व में पुलिस लाइंस, थानों, जेल व जलकल में धूमधाम से जन्माष्टमी मनाई जाती रही है। इन जगहों पर मनोहारी झांकिया सजाई जाती थीं। इस मौके पर लोगों की भारी भीड़ जुटती थी, लेकिन इस बार ऐसा नहीं होगा।
कोरोना संकट की वजह से इस बार जन्माष्टमी पर शहर में सामूहिक कार्यक्रम नहीं होंगे। शासन के आदेश के बाद एडीजी जोन ने पत्र जारी कर सभी जिलों की पुलिस को इस संबंध में दिशा निर्देश जारी कर दिए हैं।
एडीजी जोन दावा शेरपा ने बताया कि जन्माष्टमी पर किसी को भी सार्वजनिक झांकी, आयोजन और भोज की अनुमति नहीं होगी। लोग अपने घर में ही पूजा करेंगे। एक जगह पांच से अधिक लोग नहीं जुटेंगे। थाने व पुलिस लाइंस में भी इस बार सामूहिक आयोजन नहीं होगा।