जगदगुरु शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के चरण पादुका की स्वागत करते भक्त
- फोटो : अमर उजाला
इंद्र की तरह कोई शासक प्रकृति और गो वंश का नाश कर रहा हो तो उसे स्वीकार नहीं करना चाहिए। जब हिंदू समाज जागृत होगा तो राजनीतिक दल भी गोवंश की रक्षा के लिए मजबूर हो जाएंगे। भारत के भविष्य के लिए गो वंश की रक्षा बहुत आवश्यक है।
बच्चों को देसी गायों की दूध पिलाने की आवश्यकता है। डिब्बा बंद दूध से बच्चों को उतनी शक्ति मिलेगी, जितनी आवश्यकता है। गुरु दीक्षा कार्यक्रम के बाद शंकराचार्य रामअवधनगर स्थित एक शिष्य के घर गए, उसके बाद काशी की ओर प्रस्थान किया।
इस अवसर अधिवक्ता मनीष पांडेय, सहारा सोसाइटी के अध्यक्ष भानु प्रताप सिंह, मयंक मिश्रा, दिव्येंदु नाथ एडवोकेट, मुकेश पांडेय, सोना तिवारी, अमित यादव, दिनेश राय, ज्ञान पांडेय, केएन पांडेय, राकेश कुमार सिंह, वात्सल्य पांडेय, आदित्य पांडेय,अभय शाही, कमलेश मौर्य एवं सुरेश उपाध्याय उपस्थित थे।