नगर आयुक्त अविनाश सिंह ने कहा कि पशु अंत्येष्टि स्थल के लिए बंगाल की कंपनी फाइनल हो चुकी है। करीब 3.5 करोड़ रुपये की लागत से इस प्लांट का निर्माण किया जाएगा।
मृत पशुओं से भी होगी नगर निगम को कमाई
गोरखपुर शहर में मरने वाले पशु आने वाले समय में नगर निगम के लिए बोझ नहीं बल्कि आमदनी का जरिया बन जाएंगे। नगर निगम इन मृत पशुओं के चमड़े, हड्डियों और नाखूनों से कमाई करेगा। यह नगर निगम की ओर से मृत पशुओं के निस्तारण के लिए एक कंपनी के माध्यम से लगाए जाने वाली अत्याधुनिक मशीन से संभव हो सकेगा।
कोलकाता की एटीके इंजीनियरिंग सर्विसेज नगर निगम क्षेत्र में एक अत्याधुनिक मशीन लगाने जा रही है। कंपनी के निदेशक आलोक करन ने बताया कि मृत पशुओं के चमड़े के अलावा हड्डियां और फैट का भी व्यावसायिक इस्तेमाल किया जा सकेगा।