गोरखपुर जिले के तिवारीपुर में 13 साल की किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म और दूसरों के सामने परोसने के दर्ज मामले में पुलिस ने शुक्रवार को दूसरे आरोपी निजामपुर निवासी कल्लू कुशवाहा को गिरफ्तार कर लिया। हालांकि, आरोपी की गिरफ्तारी किशोरी को उत्पीड़ित कर जबरन घर का काम कराने, वेश्यावृत्ति कराने, मारने-पीटने, जान से मारने की धमकी देने, देह व्यापार कराने के आरोप में की गई है।
दरअसल, खुद से सामूहिक दुष्कर्म और दूसरों के सामने परोसने का आरोप लगाने वाली किशोरी मजिस्ट्रेट के सामने दिए गए कलमबंद बयान में पूर्व के बयान से पलट गई थी। जिसकी वजह से पुलिस ने दिए गए बयान के आधार पर इस मामले में देह व्यापार, वेश्यावृत्ति कराने, उत्पीड़न करने की धारा में केस को तब्दील कर दिया है।
जानकारी के मुताबिक, पीड़िता ने 21 अगस्त को सीएम के कैंप कार्यालय में प्रार्थना पत्र देते हुए आरोप लगाया था कि मकान मालिक का बेटा कल्लू और भतीजा करन ने उससे दुष्कर्म किया। अब वे दूसरे के साथ सोने को मजबूर करते हैं। विरोध करने पर बेल्ट और डंडे से मारपीट करते थे। शिकायत के बावजूद तिवारीपुर पुलिस ने उसकी नहीं सुनी थी।
अमर उजाला ने मामला प्रमुखता से उठाया तो पुलिस ने अपहरण कर सामूहिक दुष्कर्म, मारपीट और जान से मारने की धमकी देने की धाराओं में केस दर्ज किया था। लापरवाही के आरोप में इंस्पेक्टर नासीर हुसैन को लाइनहाजिर कर दिया गया था। अब पीड़िता का मेडिकल और कलमबंद बयान कराया गया।
बकौल पुलिस, कोर्ट में दिए गए कलमबंद बयान में किशोरी ने सामूहिक दुष्कर्म की बात नहीं बताई, बल्कि बताया कि मकान मालिक का बेटा उससे घर में जबरन काम कराता था। इस मामले में पुलिस ने गुरुवार को मकान मालिक के भतीजे करन को गिरफ्तार कर जेल भेजा था और शुक्रवार को मालिक के बेटे कल्लू को गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया है। इंस्पेक्टर आरपी सिंह ने बताया कि कोर्ट में दिए गए बयान और जांच के आधार पर सुसंगत धाराओं में आरोपी की गिरफ्तारी कर ली गई है। मामले की जांच जारी है, जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।