स्कूल में कोरोना प्रोटोकॉल का हो रहा है पालन।
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गोरखपुर में कोरोना महामारी की दूसरी लहर के चलते 25 मार्च से ऑफलाइन मोड में बंद चल रही कक्षा छठवीं से आठवीं की कक्षाएं एक बार फिर 153 दिनों के बाद विद्यार्थियों से गुलजार हुई। हालांकि भारी बारिश के चलते इन तकरीबन 50 फीसदी स्कूल खुले, जहां 30-40 फीसदी तक बच्चों की उपस्थित रही। दो शिफ्ट में कोविड प्रोटोकॉल के तहत बच्चों को विद्यालय में प्रवेश दिया गया।
बच्चे और शिक्षक दोनों ही कोविड को लेकर सर्तक भी नजर आए। गेट से प्रवेश के दौरान हर विद्यार्थी की थर्मल स्क्रीनिंग, हैंड सैनिटाइज कराने के बाद प्रवेश दिया गया। मॉस्क और छह फीट दूरी के नियम का भी बखूबी ख्याल रखा गया।
कोविड महामारी की दूसरी लहर के चलते 25 मार्च से सभी कक्षाओं का संचालन बंद कर दिया गया था। हालात सामान्य होने पर दूसरे राज्यों में स्कूलों को पूर्व में ही खोला जा चुका है। राज्य सरकार ने 16 अगस्त से नौंवी से बारहवीं की कक्षाओं को ऑफलाइन मोड में चलाने की अनुमति देने के बाद से छठवीं और आठवीं की कक्षाओं के संचालन की अनुमति दी है।
प्रार्थना, खेलकूद, लैब, लाइब्रेरी पर होगी पाबंदी
कोरोना महामारी के चलते स्कूल खुलने के बाद भी फिलहाल स्कूलों में प्रार्थना, खेलकूद, कंप्यूटर लैब और लाइब्रेरी पर फिलहाल पाबंदी रहेगी। सुरक्षा के लिहाज से पूरे स्कूल के साथ साथ कक्षाओं को नियमित सैनिटाइज कराने के साथ साथ बच्चे के प्रवेश और निकास के लिए अलग अलग गेट की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।