पहले भी आ चुकी हैं इस तरह की सूचनाएं
- 01 अप्रैल 2016 : कैंट थाना के सामने खड़ी बस में बम होने की सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस ने जांच शुरू की तो काल करने वाले का पता नहीं लग सका।
- 28 मार्च 2016 : किसी ने पुलिस कंट्रोल रूम को फोन करके सीरियल ब्लास्ट करने की धमकी दी। बताया कि दोपहर तीन बजे से लेकर छह बजे के बीच में एक-एक करके 25 जगहों पर बम फूटेंगे।
- 03 मार्च 2016 : दिल्ली से गोरखपुर आ रही जेट एयरवेज को बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी।
- 04 फरवरी 2022 : गोरखनाथ मंदिर और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बम से उड़ाने की धमकी लेडी डाॅन नामक एक ट्वीटर हैंडल से ट्वीट करके दी गई। इस ट्वीट में लखनऊ विधानसभा और मेरठ में भी बम धमाका करने की धमकी दी गई थी।
- 29 सितंबर 2020 : बांसगांव, बेदौली गांव के रहने वाले युवक ने पुलिस कंट्रोल रूम में फोन कर गोरखनाथ मंदिर में बस विस्फोट करने की धमकी दी। सर्विलांस की मदद से पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार कर जेल भेजा।
- 26 मार्च 2016 : इंटरनेट काॅल के जरिए कुशीनगर के सर्राफ को फोन कर गोरखनाथ मंदिर को बम से उड़ाने की धमकी दी गई। अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कर पुलिस ने छानबीन की लेकिन धमकी देने वाला नहीं मिला।
एक्सपर्ट बोले...मानसिक रोग है यह
वरिष्ठ मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉ. गोपाल अग्रवाल ने कहा कि सिजोफ्रेनिया नाम का मानसिक रोग होता है, जिसमें अक्सर आदमी को लगता है कि कोई खास असरदार व्यक्ति या सरकार उसके पीछे पड़ी है। या फिर पुलिस उसे पकड़ने वाली है। ऐसी बीमारी से ग्रसित मरीज इस तरह की हरकतें करते हैं। उन्हें अक्सर यही लगता है कि कुछ गलत ही होने वाला है और पुलिस बुलानी चाहिए। हो सकता है कि इसमें यह बीमारी हो, जिस वजह से बार-बार इस तरह की घटनाएं कर रहा है।