स्वच्छ सर्वेक्षण रैंकिंग के लिए केंद्रीय आवासन व शहरी कार्य मंत्रालय की टीम बीते रविवार को शहर पहुंच गई थी। टीम के सदस्यों ने नगरीय क्षेत्र के 70 वार्डों में सर्वेक्षण का काम शुरू किया है। ये सर्वेक्षण टीम की तरफ से पूरी तरह गोपनीय रखा गया है। टीम ने इस संंबंध में नगर निकाय को भी सूचना नहीं दी है। हालांकि. सिर्फ आने की सूचना दी गई थी। ये गणना 2023 के हिसाब से की जा रही है। इसलिए इसमें नगर निगम में जुड़े नए 10 वार्डों को नहीं लिया गया है।
नगर निगम के सूत्रों के मुताबिक, स्वच्छ सर्वेक्षण 2023 के संकेतकों ने घर-घर से लिए गए कचरे को अलग-अलग करने, जीरो अपशिष्ट कार्यक्रम, दिव्यांग-अनुकूल शौचालय, बेहतर प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन और स्वच्छता से संबंधित मापदंडों पर ध्यान केंद्रित कर अपनी रिपोर्ट तैयार करेंगे। इन विषयों को लेकर नगर निगम की टीम ने वार्ड और शहरी क्षेत्र का ब्योरा केंद्रीय आवासन व शहरी कार्य मंत्रालय को सौंपा था। हालांकि, इस सर्वे को लेकर लंबे समय से नगर आयुक्त ने अपने स्तर से सभी तैयारियां पूरी की थीं।
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उन्होंने स्वच्छता सर्वेक्षण में दक्षता और पारदर्शिता लाने के लिए नागरिकों की प्रतिक्रिया विभिन्न चैनलों- वोट फॉर माई सिटी ऐप, वोट फॉर माई सिटी पोर्टल, स्वच्छता ऐप और क्यूआर कोड के माध्यम से फीडबैक के रूप में एकत्र करने का जिम्मा सौंपा है। इस बार की टीम सिर्फ 70 वार्डों में ही जाएगी। सभी वार्डों के लिए स्वच्छ भारत में बेहतर प्रदर्शन के लिए और लोगों को स्वच्छ माहौल देने के लिए नगर निगम टीम पहले से ही लगी है।