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गोविवि: यौन उत्पीड़न की शिकायतों की जांच के लिए ई-मेल आईडी जारी

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गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के रंगीन मिजाज प्रोफेसर की हरकतों के सार्वजनिक होने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन सतर्क हो गया है। कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न से जुड़े मामलों की शिकायत के लिए अब बाकायदा ई-मेल आईडी जारी की गई है। शिकायत पर विवि की आंतरिक कमेटी जांच करेगी। गोविवि की वेबसाइट पर यौन उत्पीड़न की शिकायत के लिए लिंक देने के साथ आंतरिक जांच कमेटी में 10 सदस्यों काे शामिल किया गया है।
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गोरखपुर विश्वविद्यालय प्रशासन ने विवि की वेबसाइट पर ‘सेक्सुअल हरासमेंट कंप्लेंट’ का नया लिंक जारी किया है। इसमें बताया गया है कि पीड़ित महिला कर्मियों (शिक्षक/गैर शिक्षक) व छात्राएं कार्यस्थल पर किसी भी तरह की यौन उत्पीड़न की शिकायत पर आंतरिक शिकायत समिति (आईसीसी) को ई-मेल भेज सकती हैं। शिकायत के लिए ईमेल आईडी iccddugu.ac.in जारी किया गया है।

गोविवि की वेबसाइट पर ‘सेक्सुअल हरासमेंट कंप्लेंट’ में बताया गया है कि यूजीसी और एमएचआरडी के निर्देशों के अनुसार प्रो. नंदिता आईपी सिंह को आंतरिक शिकायत समिति (आईसीसी) का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इनके अलावा आईसीसी में प्रो. दिव्या रानी सिंह, प्रो. अहमद नसीम, प्रो. अनुभूति दूबे, प्रो. शिखा सिंह, प्रो. अंजू, डॉ. शैलेष सिंह, डॉ. ममता चौधरी, अनुपमा गुप्ता और एनजीओ संचालिका चारू चौधरी को सदस्य नियुक्त किया गया है।
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राष्ट्रीय महिला आयोग से हुई है रंगीन मिजाज प्रोफेसर की शिकायत

अश्लील वीडियो व ऑडियो समेत अन्य साक्ष्य भेजकर गोरखपुर विश्वविद्यालय के रंगीन-मिजाज प्रोफेसर की राष्ट्रीय महिला आयोग में शिकायत की गई है। विश्वविद्यालय की आंतरिक कमेटी की जांच में सामने आया कि शिकायत करने वाला कोई मोबाइल मैकेनिक नही, बल्कि एक शोध छात्रा है, जो प्रोफेसर के निर्देशन में शोध कर रही है। जांच की जिम्मेदारी विश्वविद्यालय की आंतरिक कमेटी को सौंपी गई है। आयोग की ओर से आंतरिक कमेटी को 30 दिन में प्रारंभिक जांच व 90 दिन में विस्तृत रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है। इस बीच महिला आयोग ने आंतरिक कमेटी को जांच में विधिक सलाह के लिए एक अधिवक्ता की तैनाती की है। आंतरिक कमेटी ने अधिवक्ता से मुलाकात कर अब तक हुई जांच और आगे किन-किन बिंदुओं पर जांच करनी है, इस पर विधिवत चर्चा की है। अंदर खाने चर्चा है कि विधिक सलाह के बाद कमेटी ने अपनी जांच तेज कर दी है। उधर, कुलपति प्रो. राजेश सिंह ने भी कुछ दिन पहले विश्वविद्यालय की आंतरिक कमेटी के साथ बैठक कर जांच की प्रगति पर चर्चा की। करीब एक घंटे तक हुई बैठक के दौरान कुलपति ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कमेटी को हर पहलु पर जांच करने के निर्देश दिए।
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