गोरखपुर जिले में गंगाजल की मांग बढ़ती जा रही है। पिछले तीन वर्षों में हरिद्वार, ऋषिकेश और गंगोत्री के गंगाजल की सात हजार से अधिक बोतलें बिक चुकी हैं। सर्वाधिक मांग ऋषिकेश के गंगाजल की है। तीन वर्षों में सिर्फ मुख्य डाकघर को ही दो लाख 10 हजार रुपये की आमदनी गंगाजल बेचकर हुई है। जिले के सभी डाकघरों को मिला दिया जाए तो करीब 10 लाख रुपये की आय हुई है।
जानकारी के अनुसार, पिछले तीन वर्षों में मुख्य डाकघर से गंगाजल की 7128 बोतलें बिकी हैं। शहर के लोग ऋषिकेश, गंगोत्री और हरिद्वार के गंगाजल की मांग अधिक करते हैं। हालांकि, बनारस और प्रयागराज में भी गंगाजल मिलता है, लेकिन डाकघर में इन जगहों से गंगाजल नहीं मंगवाया जाता है। प्रवर डाक अधीक्षक मनीष कुमार ने बताया कि हिंदू धर्म में प्रत्येक अनुष्ठान में गंगाजल का होना अनिवार्य माना गया है। लोग अपने घर में गंगाजल रखते भी हैं इसलिए गंगाजल खरीदकर ले जाते हैं।
धार्मिक कार्यों के लिए गंगाजल अनिवार्य
ज्योतिषाचार्य घनश्याम पांडेय ने बताया कि धार्मिक कार्यों के लिए गंगाजल अनिवार्य है। जन्म से लेकर मृत्यु तक गंगाजल की आवश्यकता रहती है। गंगा मां को पापों का नाश करने वाली भी कहा गया है। इसके अलावा गंगाजल का वैज्ञानिक महत्व भी है।
डाकघर से बिक्री का आंकड़ा
2019-20 में- 2241 बोतल 63752 रुपये
2020-21 में 3132 बोतल 93960 रुपये
2021-22 (अभी तक) 1755 बोतल 52650 रुपये