एसपी सिटी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने बताया कि पुलिस की जांच में बैंक कर्मचारियों और सीए की भूमिका संदिग्ध आ चुकी है। पुलिस ने बैंक से पत्राचार भी किया है, लेकिन अभी तक बैंक की ओर से सटीक जवाब नहीं आया है कि किस कर्मचारी ने बिना जांच पड़ताल के करोड़ों का ऋण दे दिया है। पुलिस बैंक अधिकारियों के संपर्क में है। जल्द ही आरबीआई और आईसीआई बैंक के हेड क्वाटर को भी पत्र भेजा जाएगा। इस पूरे गिरोह में जो भी शामिल है, सब पर पुलिस साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई करेगी।
लीड बैंक के मैनेजर मनोज कुमार ने बताया कि ऋण देने को लेकर पहले से ही सख्त गाइड लाइन है। हाउसिंग लोन में तहसील से दस्तावेजों की जांच, वैरीफाई कराया जाता है। जालसाजी के मामले सामने आने के बाद गाइड लाइन की निगरानी सख्ती से करने का निर्देश दिया गया है। सर्किल स्तर पर सभी को प्रबंधकों की इसकी जानकारी दी गई है। मुंबई हेड आफिस से कोई नई गाइड लाइन जारी नहीं हुई है।