अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) गोरखपुर के ओपीडी में बुधवार को बड़ी संख्या में मरीज पहुंच गए। सुबह से लाइन में लगे मरीजों को जब यह बताया किया ओपीडी फुल हो गई और इलाज नहीं मिल पाएगा तो उनका धैर्य जवाब दे गया। सभी मिलकर हंगामा करने लगे। अधिकारियों और कर्मचारियों ने उन्हें समझाया शांत कराया। डाक्टर को दिखाने के लिए सभी को छह सितंबर की तारीख दी गई है।
मरीजों का कहना था कि ओपीडी फुल होने की बात गेट पर बता देनी चाहिए थी। सुबह छह बजे से सभी लाइन में लगे थे। कोरोना जांच करा लिए। ओपीडी पर्चा काउंटर पर पहुंचने में दोपहर के पौने एक बज गए। इसके बाद बताया गया कि ओपीडी फुल है। जिस समय मरीज और उनके तीमारदार हंगामा कर रहे थे उसी दौरान झरना टोला की रहने वाली 47 वर्षीय नीलू शुक्ल बेहोश होकर गिर गईं। उन्हें डाक्टरों ने तत्काल देखा। थोड़ी देर बाद उन्हें होश आ गया। वह हड्डी रोग विभाग में दिखाने आईं थीं।
उप चिकित्सा डा. शशांक शेखर ने बताया कि अधीक्षक भीड़ ज्यादा हो गई थी इसलिए दिक्कत हुई। हंगामा करने वाले मरीजों को छह सितंबर को बुलाया गया है, क्योंकि चार सितंबर तक ओपीडी फुल है।