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ढाई साल बाद हुआ खुलासा: खेत में जानवर चरने को लेकर युवक ने की थी हत्या, 50 हजार का इनामी हत्यारा गिरफ्तार

Fri, 01 Apr 2022 03:49 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।

सार

13 नवंबर 2019 को हरपुर बुदहट के रानीबाग में समुदा निवासी अशोक सिंह (45) की फावड़े से काटकर हत्या की गई थी। विवाद खेत के मेड़ को लेकर व जानवर के फसल चरने को लेकर था। दोनों में इसी को लेकर पुराना रंजिश थी। इसी बात को लेकर अशोक की हत्या कर दी गई थी।
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सांकेतिक फोटो - फोटो : Social Media
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विस्तार
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गोरखपुर के हरपुर बुदहट इलाके के रानीपुर गांव में खेत में जानवर चरने की बात को लेकर एक शख्स की हत्या कर दी गई थी। हत्या का आरोपी 13 नवंबर वर्ष 2019 को हत्याकर फरार हुआ था। एसटीएफ लखनऊ की टीम ने गुरूवार को गिरफ्तार कर लिया। मृतक का नाम अशोक सिंह (45) था व आरोपी का नाम जय प्रकाश यादव है।

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बताया जा रहा है कि फरार होने के बाद आरोपी दिल्ली एनसीआर में रहकर काम करता था। इधर घटना के बाद से ही उसपर 50 हजार का इनाम था। गुरूवार को वह मुकदमें की पैरवी कर वापस दिल्ली जा रहा था तभी उसे सहजनवां के भीटी रावत के पास से दबोच लिया गया। एसटीएफ ने आरोपी को सहजनवां थाने की पुलिस को कस्टडी में दे दिया। जहां से उसे शुक्रवार को जेल भिजवा दिया गया।

एसटीएफ के अनुसार पता चला कि गोरखपुर के हरपुर बुदहट के रानीबाग निवासी आरोपी जयप्रकाश यादव पुत्र संतराज दिल्ली एनसीआर क्षेत्र में रहकर मकान बनवाने का काम करता है। इस सूचना पर दरोगा घनश्याम यादव के नेतृत्व में एक टीम उसकी तलाश में लगी थी लेकिन उसका पता नहीं चल पाया।
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जांच के दौरान पता चला कि वह किसी मुकदमे की पैरवी के संबंध में वकील से मिलने गोरखपुर गया है। जिसके बाद एसटीएफ टीम एनसीआर से गोरखपुर पहुंच गई। यहां से वह अपने वकील से मिलने के बाद दिल्ली भागने के फिराक में था तभी एसटीएफ ने उसे दबोच लिया।

ये है पूरा मामला

13 नवंबर 2019 को हरपुर बुदहट के रानीबाग में समुदा निवासी अशोक सिंह (45) की फावड़े से काटकर हत्या की गई थी। विवाद खेत के मेड़ को लेकर व जानवर के फसल चरने को लेकर था। दोनों में इसी को लेकर पुराना रंजिश थी। हत्या के बाद पुलिस ने अशोक के बेटे आकाश की तहरीर पर संतराज यादव, उनके बेटे उपेंद्र, जयप्रकाश यादव, रूद्र प्रताप, पार्वती के खिलाफ केस दर्ज किया था। बाद में मामले में हत्यारों की गिरफ्तारी के लिए हरनही मार्ग जाम किया गया था। जयप्रकाश को छोड़कर सभी आरोपी गिरफ्तार हो चुके थे।

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