फर्जी नाम पर नौकरी करने के आरोप में सेवानिवृत्ति से तीन दिन पहले निलंबित किए गए समाज कल्याण विभाग के प्रधान सहायक रवि प्रकाश मिश्रा उर्फ रवि प्रकाश चतुर्वेदी की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। दो माह बाद भी जांच नहीं शुरू किए जाने से अब उप निदेशक समाज कल्याण आगरा मंडल को तफ्तीश सौंपी गई है।
समाज कल्याण विभाग गोरखपुर कार्यालय में रवि प्रकाश मिश्रा के नाम पर तैनात प्रधान सहायक के खिलाफ उनके ही गांव के रमेश प्रकाश मिश्रा ने शिकायत की थी। रमेश का आरोप था कि प्रधान सहायक रवि प्रकाश मिश्रा का असली नाम रवि प्रकाश चतुर्वेदी है। दावा किया कि समाज कल्याण विभाग में उनके भाई रवि प्रकाश मिश्रा को तैनाती मिली थी। पदभार ग्रहण करने गए रवि प्रकाश मिश्रा को रवि प्रकाश चतुर्वेदी और उनके भाई ने जान से मारने की धमकी देकर भगा दिया था।
उनकी शिकायत पर डीएम विजय किरन आनंद ने तीन सदस्यीय कमेटी से मामले की जांच कराई। जांच में प्रधान सहायक ने सहयोग नहीं किया, कमेटी की रिपोर्ट पर डीएम ने उनके निलंबन की संस्तुति की थी। 31 दिसंबर को सेवानिवृत्ति से तीन दिन पहले निदेशालय ने उनके निलंबन का आदेश जारी कर मामले की जांच उप निदेशक समाज कल्याण वाराणसी मंडल केएल गुप्ता को सौंपी थी।
दो माह बीतने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं होने पर रमेश प्रकाश मिश्रा ने निदेशालय में जांच निष्पक्ष किए जाने पर संदेह जताते हुए मुख्यमंत्री और प्रमुख सचिव समाज कल्याण से शिकायत की। उनकी शिकायत पर मामले की जांच उप निदेशक समाज कल्याण आगरा मंडल को सौंपी गई है, जिला समाज कल्याण अधिकारी वशिष्ठ नारायण सिंह ने इसकी पुष्टि की है।