कोरोना संक्रमण से गर्भपात का खतरा है। कुछ महिलाएं ऐसा मिली हैं जिनका इसकी वजह से गर्भपात भी हुआ है। अब संक्रमित गर्भवतियों के आंकड़े जुटाए जा रहे हैं। इन सबके स्वास्थ्य पर करीब से निगाह रखी जा रही है। इस पर बीआरडी मेडिकल कॉलेज ने शोध भी शुरू कर दिया है।
जानकारी के मुताबिक, इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) और नेशनल इंस्टीट्यूट इन रिप्रोडक्टिव हेल्थ (एनआईआरआरएच) ने संयुक्त रूप से 45 गर्भवतियों पर शोध किया है। हालांकि यह शोध आईवीएफ से विकसित भ्रूण पर किए गए हैं। इन नतीजों को देखते हुए ही बीआरडी मेडिकल कॉलेज में शोध शुरू हुआ है।
कोरोना की दूसरी लहर में संक्रमित गर्भवती महिलाओं के आंकड़े जुटाए जा रहे हैं। कुछ महिलाएं ऐसी मिली हैं, जिन्हें गर्भपात हुआ है। बीआरडी की सत्रिी एवं प्रसूति रोग विभागाध्यक्ष डॉ. वाणी आदित्य ने बताया कि दूसरी लहर में कई तरह के केस सामने आए हैं। इनमें गर्भपात का मामला भी शामिल है। अब भ्रूण में वायरस कैसे पहुंचा, इसके कारण खोजे जा रहे हैं।
यह भी देखा जा रहा है कि गर्भवतियों को किस तरह की दिक्कतें आई हैं। गर्भस्थ शिशु पर क्या प्रभाव पड़ा, यह भी देखा जा रहा है। संक्रमित प्रसूताओं के कई केस में बच्चे भी संक्रमित हुए हैं।