गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय और संबद्ध कॉलेजों के लगभग 70 हजार छात्र-छात्राएं 'स्वयं' कोर्स के लिए पंजीकृत नहीं हैं। ऐसे छात्रों को बड़ी राहत दी गई है। ये छात्र मुख्य परीक्षा के साथ ही 'स्वयं' की माइनर परीक्षा में भी शामिल हो सकेंगे। डीडीयू प्रशासन ने सिर्फ वर्तमान सत्र के लिए यह राहत दी है।
यूजीसी के दिशा-निर्देशों के अनुसार विश्वविद्यालय में 'स्वयं' पाठ्यक्रमों के संचालन का निर्णय लिया गया था। इसके तहत स्नातक द्वितीय और चतुर्थ सेमेस्टर व परास्नातक द्वितीय सेमेस्टर के विद्यार्थियों का पंजीकरण अनिवार्य था। करीब एक महीने तक इसके लिए नामांकन की प्रक्रिया चली। इस दौरान कुल 1,08,683 विद्यार्थियों ने नामांकन कराया, जबकि लगभग 70 हजार ने नामांकन नहीं कराया। नामांकन करने वाले छात्रों ने अपना असाइनमेंट भी जमा कर दिया है।
'स्वयं' पाठ्यक्रमों के नोडल अधिकारी प्रो. अजय शुक्ल ने बताया कि बड़ी संख्या में छात्र अपना नामांकन नहीं कर पाए थे। इसे देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। ऐसे विद्यार्थियों को निर्देशित किया गया है कि वे संबंधित पाठ्यक्रमों का अध्ययन 'स्वयं' प्लेटफॉर्म से करें। स्नातक द्वितीय सेमेस्टर में कौशल संवर्धन पाठ्यक्रम तीन क्रेडिट का है। स्नातक चतुर्थ सेमेस्टर में क्षमता संवर्धन पाठ्यक्रम दो क्रेडिट का है। परास्नातक द्वितीय सेमेस्टर में इंटर-डिपार्टमेंटल ओपन इलेक्टिव पाठ्यक्रम चार क्रेडिट का है।