सदर तहसील में खतौनी के लिए लाइन में खड़े लोग।
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भूमि का बैनामा कराने के बाद खतौनी पर नाम चढ़वाने और हटवाने में तहसील का चक्कर न काटना पड़े, इसके लिए रीयल टाइम खतौनी की शुरुआत की गई है। यानी बैनामा कराने के साथ ही सारा रिकॉर्ड खतौनी में दर्ज हो जाएगा। यही नहीं, खातादारों के पास कितनी जमीन बची है, यह भी देखा जा सकेगा।
सिस्टम की सुस्त चाल से ऑनलाइन डाटा ही चढ़ सका है। रीयल टाइम खतौनी पूरी तरह से अपडेट नहीं पाई है। अभी एक ही गाटा संख्या में सभी खातेदारों का नाम दिख रहा है। अगर आपको अपने खेत या जमीन की जानकारी जुटानी है तो ढूंढते रह जाएंगे। जब तक चढ़ावा नहीं देंगे, आपको सटीक जानकारी नहीं मिल पाएगी।
सदर तहसील में कुल 618 गांव हैं, इनमें से 465 गांवों का रीयल टाइम खतौनी अपडेट हो चुका हैं, लेकिन इसमें भी खतौनी में एक ही गाटा संख्या में कई खातेदारों का नाम दिख रहा है। यह जब तक अलग-अलग वर्गीकरण कर अपलोड नहीं किया जाएगा, सामूहिक ही ब्योरा दिखेगा। इसके अलावा अब मौखिक आदेश की जगह ई-परवाना आएगा, यानि सबकुछ ऑनलाइन होगा, कहीं भी भागदौड़ नहीं करनी पड़ेगी।
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जानकारों की मानें तो अभी इसमें समय लगेगा। अधिवक्ता व्यंटेकश्वर तिवारी कहते हैं- रीयल टाइम खतौनी अगर पूरी तरह से अपडेट हो जाए तो लोगों को बहुत सहूलियत होगी। जिनका डाटा ऑनलाइन नहीं हो पाया है, उनके मामले महीने से लटके पड़े हैं। इसके चक्कर में अपनी जमीन बेच नहीं पा रहे हैं। अगर खरीदे हैं तो नाम दर्ज नहीं हो पा रहा है।