पीड़ित की पत्नी महिला के साथ सूदखोरों के पास चली गईं। रामप्रसाद उन्हें लेकर बांसगांव इलाके के डाडी गांव की रहने वाली संभा यादव पत्नी सरवन यादव, उसकी बड़ी बहन रंभा यादव पत्नी राजनारायण यादव, छोटी बहन विभा यादव पत्नी विजय यादव और संजीव पांडेय के पास पहुंचा।
आरोप है कि सूदखोरों ने पीड़ित की पत्नी से कुछ सादे कागजात पर दस्तखत कराए और उन्हें 50 हजार रुपये कर्ज दे दिए। इसके बाद पीड़ित दंपती ने धीरे-धीरे कर्ज और ब्याज भी लौटा दिया। आरोप है कि इस बीच सूदखोर उनका ब्याज बढ़ाते चले गए और सादे कागज पर किए गए दस्तखत से ब्लैकमेल कर महिला का शारीरिक शोषण करते रहे।
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इतना ही नहीं आरोपियों ने ब्लैकमेल कर महिला से छह सादे चेक पर भी दस्तखत करा लिया और उन्हें ब्लैकमेल कर ब्याज वसूलते रहे। महिला के मुताबिक, इस तरह से वह आरोपियों को अब तक करीब 10 लाख रुपये दे चुकी हैं। जिनमें उसने अपने चार लाख के गहने भी बेच दिए। आरोप है कि सूदखोर अभी और रुपये मांगने का दबाव बना रहे हैं।
रुपये नहीं दिए तो घर में घुसकर की डकैती
महिला ने जब उन्हें और रुपये देने से इन्कार कर दिया तब बीते 10 दिसंबर को आरोपी उनके घर पहुंचे और उन्हें धमकाने लगे। आरोपियों ने महिला को घर में बंद कर छेड़खानी भी की। इस बीच जब पति पहुंचे तो आरोपियों ने पति-पत्नी की पिटाई कर दी। फिर घर में रखा सामान लूटकर धमकी देते हुए फरार हो गए।
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पीड़िता ने जनता दर्शन में सीएम और फिर एसएसपी से मुलाकात की थी। पुलिस की जांच में मामला सही पाए जाने पर एसएसपी के आदेश पर पुलिस संभा यादव, उसके पति सरवन यादव, रंभा यादव, उसके पति राजनारायण यादव, विभा यादव, उसके पति विजय यादव, संजीव पांडेय और रामप्रसाद के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने कहा कि पुलिस ने तहरीर के आधार पर केस दर्ज कर लिया है। मामले की जांच की जा रही है। अब पुलिस जालसाजों की तरह ही लोगों से सूदखोरी करने वालों पर भी कार्रवाई करेगी। पूरे प्रकरण की जांच कर साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।