रेलवे क्वार्टर की गिरी छत और निरीक्षण करने पहुंचे नरमू के महामंत्री।
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गोरखपुर के जटेपुर रेलवे कॉलोनी में एक रेलकर्मी के घर की छत अचानक भरभरा कर गिर गई। गनीमत था कि घर के सभी सदस्य गांव गए थे और बड़ा हादसा टल गया। मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में रेल प्रशासन ने इंस्पेक्टर ऑफ वर्क्स (आईओडब्लू) को निलंबित कर दिया है और जांच बैठा दी है। वहीं, रेलकर्मी को दूसरा आवास आवंटित किया गया है।
रेलवे कारखाने में कार्यरत रमेश सिंह जटेपुर रेलवे कॉलोनी के मकान नंबर 160 ए में रहते हैं। वह मकान के जर्जर होने की शिकायत कई बार आईओडब्लू से कर चुके थे। लेकिन कोई पहल नहीं हुई। रमेश सिंह ने बताया कि चार अक्तूबर को उनका पूरा परिवार जरूरी काम से गांव गया था। इसी बीच छह अक्तूबर को सूचना मिली कि बेड रूम की छत आधी गिर गई है। यह सुनकर उनके हाथ-पांव फूल गए क्योंकि बेटा गोरखपुर में ही था। यह संयोग था कि जब छत गिरी तो उस समय घर पर नहीं था।
रमेश सिंह का कहना है छत के टूटे हिस्से पर तिरपाल डालकर काम चला रहे हैं। रेलवे अधिकारी दूसरा आवास देने के लिए कह रहे हैं लेकिन वह भी इसी तरह जर्जर है। लेने से कोई फायदा नहीं है। जब तक अच्छा और मजबूत आवास नहीं मिलेगा तब तक उसी जर्जर आवास में ही रहेंगे।
नरमू के महामंत्री ने की कार्रवाई की मांग
एनई रेलवे मजदूर यूनियन के महामंत्री केएल गुप्ता सूचना मिलने पर रमेश सिंह के घर पहुंचे। उन्होंने रमेश के साथ ही मोहल्ले के अन्य लोगों से भी बात की और मौके से ही अधिकारियों से बात कर कार्रवाई की मांग की है।
कई कॉलोनियों के हालात बद से बदतर
रेलवे कॉलोनियों की हालत बहुत ही बदतर है। ज्यादातर आवास में खिड़कियों से दरवाजे गायब हैं, दीवालों से प्लास्टर उखड़ी है। कई के आवास बारिश होने पर टपकते भी हैं। लंबे समय से मरम्मत न होने से रेल कर्मचारी खिड़कियों और दरवाजों पर पर्दा लगाकर काम चला रहे हैं। जटेपुर कॉलोनी में कोई स्टॉफ आना ही नहीं चाहता है।
मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पूर्वोत्तर रेलवे पंकज कुमार सिंह ने बताया कि रेलकर्मी के आवास का निरीक्षण उप मुख्य इंजीनियर गोरखपुर क्षेत्र रवींद्र मेहरा ने किया है। इस मामले में संबंधित आईओडब्लू को निलंबित कर दिया गया है। रेलकर्मी को 99 सी आवास आवंटित कर दिया गया है और उनसे नए आवास में शिफ्ट करने को कहा गया है। तब तक के लिए तिरपाल आदि की व्यवस्था कराई गई है।