गोरखपुर में पांच वर्षों से निर्माणाधीन रायगंज बिजलीघर इस माह के अंत तक शुरू होने की संभावना है। इससे 50 गावों के लगभग 10 हजार परिवारों को बेहतर बिजली मिल सकेगी। लो-वोल्टेज और अन्य समस्याएं खत्म हो जाएंगी।
वर्ष 2016 में रायगंज बिजली घर का प्रस्ताव राज्य सरकार ने स्वीकृत किया था। बिजली निगम के माध्यमिक कार्यखंड ने टेंडर के माध्यम से फैजाबाद की फर्म को बिजली घर निर्माण की जिम्मेदारी सौंपी। उपकरण स्थापित होने के बाद मोतीराम अड्डा ट्रांसमिशन से बिजली घर तक कुल 22 किमी 33 केवी लाइन दौड़ाने का काम शुरू हुआ। कुछ गांवों में विरोध होने पर ठेकेदार काम छोड़कर चले गया।
इसी बीच कोरोना से भी काम की रफ्तार धीमी पड़ गई। अब ज्यादातर हिस्से का काम पूरा हो चुका है। महज डेड़ किलोमीटर लाइन खींची जानी है। इस ग्रामीण विरोध कर रहे हैं। पूर्वांचल एमडी ने अभियंताओं को जल्द मामला हल करने के निर्देश दिए हैं।
अधिशासी अभियंता कार्यखंड एमके गौड़ ने बताया कि प्राथमिकता के आधार पर निर्माण कार्य को इसी सप्ताह पूरा करवाने का प्रयास किया जाएगा। इसके बाद फीडरों का परीक्षण होगा। प्रयास है कि माह के अंत तक इस बिजली घर से आपूर्ति शुरू करा दी जाए।