अभियुक्तों द्वारा नारेबाजी और प्रदर्शन करते हुए तत्कालीन मुख्यमंत्री का पुतला फूंकने का प्रयास किया गया था। 26 नवंबर 2022 को सुनवाई के बाद दोषी पाते हुए सजा सुनाया गया था। कोर्ट से सभी को एक साल छह महीने की सजा व अर्थदंड से दंडित किया गया था। सजा के विरुद्ध कमलेश पासवान और अन्य लोगों ने सेशन कोर्ट में अपील दाखिल की।
विशेष न्यायाधीश ने अपील निरस्त करते हुए मजिस्ट्रेट न्यायालय की सजा को बहाल कर दिया और सजा भुगतने के लिए 15 दिन के अंदर सरेंडर करने का आदेश दिया है।
सांसद कमलेश पासवान ने कहा कि कोर्ट ने 15 दिन का समय दिया है। इस बीच हाईकोर्ट में जाएंगे और सजा पर स्टे की मांग करेंगे।