कुलपति ने नियत समय मे चुनाव अधिकारी नियुक्त नहीं किया है जिसके बाद प्रो सिंह ने अपना इस्तीफा कुलपति को भेज दिया है। साथ ही कुलपति प्रो राजेश सिंह के वक्तव्य जिसमें उन्होंने शिक्षक संघ के अस्तित्व पर सवाल उठाया था, क्षोभ व्यक्त किया।
दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रो. विनोद कुमार सिंह ने सोमवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने इस्तीफे की प्रति वर्चुअल माध्यम से कुलपति और एसोसिएशन की आम सभा को भेज दिया। उन्होंने कुलपति प्रो. राजेश सिंह पर चुनाव अधिकारी की नियुक्ति न करने का आरोप भी लगाया है। साथ ही आमसभा से अपील की है कि वह चुनाव अधिकारी मनोनीत कर गोरखपुर यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन का चुनाव कराएं।
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रक्षा एवं स्त्रातजिक अध्ययन विभाग के प्रो. विनोद सिंह गोरखपुर यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष थे। उन्होंने बताया कि एसोसिएशन का कार्यकाल एक वर्ष के लिए होता है। कोरोना से उपजे हालात में बीते दो साल से चुुनाव ही नहीं हुआ। एक सप्ताह पहले कुलपति को पत्र लिख कर चुनाव कराने के लिए चुनाव अधिकारी नामित करने की अपील की थी। कुलपति ने हाल में ही मीडिया में वक्तव्य जारी किया था कि विश्वविद्यालय में शिक्षक संघ का अस्तित्व नहीं है। सभी शिक्षकों को उम्मीद थी कि कुलपति अपने इस बयान पर खेद प्रकट करेंगे और चुनाव अधिकारी नामित करेंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
प्रो. विनोद सिंह के मुताबिक एसोसिएशन के बाइलॉज में आमसभा को चुनाव अधिकारी नामित करने का अधिकार दिया गया है। उन्होंने इस्तीफा देने के साथ ही आमसभा से अपील की है कि संकायों में से किसी संकायाध्यक्ष या किसी वरिष्ठ साथी शिक्षक को अपना चुनाव अधिकारी सुनिश्चित कर लें। उन्होंने आमसभा से शिक्षक हित में जल्द से जल्द चुनाव संपन्न कराने की अपील की है।
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उपाध्यक्ष ने लिखा पत्र, कुलपति को हटाने की मांग
आल इंडिया फेडरेशन ऑफ यूनिवर्सिटी एंड कॉलेज टीचर्स ऑर्गनाइजेशन के उपाध्यक्ष डॉ. विवेक द्विवेदी ने कुलाधिपति सहित राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, उच्च शिक्षा मंत्री और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के अध्यक्ष को पत्र लिखा है। इसमें गोरखपुर विश्वविद्यालय के कुलपति को हटाने की मांग की है। कहा है कि नियम, परिनियमों के विपरीत जाकर काम किया जा रहा है। गुआक्टा के पदाधिकारियों से लगातार दुर्व्यवहार की शिकायतें मिल रही हैं। कुलपति को शिक्षक संघ के पदाधिकारियों से सम्मानजनक पूर्वक बात करके मामले को सुलझाना चाहिए। इससे मर्यादा बनी रहेगी। उपाध्यक्ष ने कुलाधिपति से पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को भेंट के लिए समय देने की भी मांग की है। ब्यूरो