इस तरह कार्रवाई करेगी पुलिस
- जनता दर्शन में आई शिकायतों को 24 घंटे के भीतर संबंधित सीओ कार्यालय को भेजा जाए।
- शिकायत मिलते ही संबंधित सीओ व्हाट्सएप के जरिए संबंधित बीट पुलिसकर्मी को शिकायत भेजेंगे।
- शिकायत मिलने के 24 घंटे के भीतर बीट सिपाही शिकायतकर्ता के घर पहुंचकर जानकारी हासिल करेंगे और सीओ को जांच रिपोर्ट से अवगत कराएंगे।
- जांच रिपोर्ट की एक प्रति हल्का दरोगा, चौकी इंचार्ज और थानेदार को भेजनी है।
- विवेचना के संबंध में विवेचक 24 घंटे में पीड़ित के घर जाकर जानकारी देंगे। उन्हें विवेचना की प्रगति बताएंगे।
- अगर वादी की शिकायत अनुचित होगी, उसे तत्काल अपनी आख्या रिपोर्ट में दर्ज कर रिपोर्ट सीओ को भेजेंगे।
- विवेचक तीसरे दिन पीड़ित के साथ सीओ के सामने पेश होंगे और विवेचना की पूरी कार्रवाई से अवगत कराएंगे।
- जमीन संबंधी मामलों की जांच कराकर थाना दिवस पर रजिस्टर्ड कराएं।
- पुलिस एसडीएम और लेखपाल से संपर्क कर जमीन मामलों का निपटारा कराएगी।
- मामला अगर केस दर्ज करने लायक हो तो तत्काल दर्ज किया जाएगा।
एडीजी जोन अखिल कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री के जनता दर्शन में आने वाली शिकायतों का त्वरित निस्तारण हो सके, इसके लिए प्लान तैयार कर सभी एसएसपी, एसपी को भेजा गया है। इसकी नियमित मानीटरिंग एसपी स्तर से की जाएगी। फिर भी कार्रवाई नहीं हुई तो जोन कार्यालय से समीक्षा की जाएगी।
जनता की नजर में सुधरी पुलिस की छवि
गोरखपुर जोन के 11 जिलों की पुलिस की छवि जनता के बीच में सुधरी है। मार्च की तुलना में अप्रैल में जनता से मिले फीडबैक में पुलिस की छवि को बेहतर बताया गया है। हालांकि, आईजीआरएस और एफआईआर दर्ज करने में पुलिस की छवि पहले से और बिगड़ी ही सामने आई है।
जानकारी के मुताबिक, एडीजी जोन अखिल कुमार के निर्देश पर हुए सर्वे में मार्च की अपेक्षा अप्रैल में जनता का फीडबैक पुलिस के पक्ष में आया है। एडीजी का कहना है कि अफसरों की लगातार मानीटरिंग से पुलिस ने बेहतर काम किया है। जनता के बीच छवि सुधरी है। अगले चरणों में और ज्यादा सुधार की गुंजाइश है।
ट्विटर पर मार्च में 35 प्रतिशत लोगों ने पुलिस को बेहतर बताया था तो अप्रैल में यह आंकड़ा बढ़कर 43.2 प्रतिशत हो गया है। पीआरवी के रिस्पांस को भी जनता ने सराहा है। 75.88 प्रतिशत लोगों ने कहा कि सूचना मिलते ही पीआरवी पहुंचती है। ज्यादातर मामलों में कार्रवाई बेहतर रहती है।