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Janta Darabar: शिकायतों का 72 घंटे में तैयार करें जांच रिपोर्ट, 24 घंटे में पीड़ित के घर पहुंचे पुलिस

Wed, 18 May 2022 10:17 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।

सार

15 मई को सीएम के जनता दर्शन में 50 शिकायतें आई थीं। इसे देखते हुए एडीजी ने आदेश जारी किया है। 24 घंटे में पीड़ित के घर पुलिस पहुंचे और जांच कर रिपोर्ट तैयार करने के बाद कार्रवाई करें।
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गोरखपुर जनता दरबार में फरियाद सुनते सीएम योगी। (फाइल) - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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मुख्यमंत्री के जनता दर्शन में आई शिकायतों के पीड़ित के घर 24 घंटे में पुलिस पहुंचे और अधिकतम 72 घंटे में जांच रिपोर्ट तैयार कर एसएसपी/सीओ को भेज दी जाए। ताकि, उस पर त्वरित कार्रवाई की जा सके। जनता दर्शन में आ रहीं शिकायतों के त्वरित निस्तारण को देखते हुए यह आदेश एडीजी अखिल कुमार ने जोन के सभी एसएसपी को दिए हैं।

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एडीजी दफ्तर से मिली जानकारी के मुताबिक, 15 मई को जनता दर्शन में 50 मामले सामने आए हैं। इसमें विवेचना में कार्रवाई न होने के 19, मुकदमा दर्ज न होने के नौ, जमीन से संबंधित 10 और अन्य विभिन्न मामलों के 12 शिकायतें आई थीं। इसे देखते हुए एडीजी ने निर्देश दिया है कि सभी मामलों में प्रारंभिक जांच रिपोर्ट जिले के एसएसपी/सीओ के पास 72 घंटे के भीतर आ जाए। इसकी समीक्षा जिले के एसएसपी और एसपी खुद करेंगे।

अपनी टिप्पणी के साथ आख्या रिपोर्ट रेंज कार्यालय और जोन कार्यालय को भेजेंगे। साथ ही सभी मामलों का फीडबैक डीआईजी कार्यालय के पुलिसकर्मी लेंगे कि आवेदक संतुष्ट हुआ या नहीं। जिन मामलों में आवेदक संतुष्ट नहीं होंगे उन मामलों को जोन कार्यालय में भेजा जाएगा। जिसके बाद उसकी समीक्षा जोन कार्यालय से होगी।
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इस तरह कार्रवाई करेगी पुलिस

  • जनता दर्शन में आई शिकायतों को 24 घंटे के भीतर संबंधित सीओ कार्यालय को भेजा जाए।
  • शिकायत मिलते ही संबंधित सीओ व्हाट्सएप के जरिए संबंधित बीट पुलिसकर्मी को शिकायत भेजेंगे।
  • शिकायत मिलने के 24 घंटे के भीतर बीट सिपाही शिकायतकर्ता के घर पहुंचकर जानकारी हासिल करेंगे और सीओ को जांच रिपोर्ट से अवगत कराएंगे।
  • जांच रिपोर्ट की एक प्रति हल्का दरोगा, चौकी इंचार्ज और थानेदार को भेजनी है।
  • विवेचना के संबंध में विवेचक 24 घंटे में पीड़ित के घर जाकर जानकारी देंगे। उन्हें विवेचना की प्रगति बताएंगे।
  • अगर वादी की शिकायत अनुचित होगी, उसे तत्काल अपनी आख्या रिपोर्ट में दर्ज कर रिपोर्ट सीओ को भेजेंगे।
  • विवेचक तीसरे दिन पीड़ित के साथ सीओ के सामने पेश होंगे और विवेचना की पूरी कार्रवाई से अवगत कराएंगे।
  • जमीन संबंधी मामलों की जांच कराकर थाना दिवस पर रजिस्टर्ड कराएं।
  • पुलिस एसडीएम और लेखपाल से संपर्क कर जमीन मामलों का निपटारा कराएगी।
  • मामला अगर केस दर्ज करने लायक हो तो तत्काल दर्ज किया जाएगा।

एडीजी जोन अखिल कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री के जनता दर्शन में आने वाली शिकायतों का त्वरित निस्तारण हो सके, इसके लिए प्लान तैयार कर सभी एसएसपी, एसपी को भेजा गया है। इसकी नियमित मानीटरिंग एसपी स्तर से की जाएगी। फिर भी कार्रवाई नहीं हुई तो जोन कार्यालय से समीक्षा की जाएगी।
 
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जनता की नजर में सुधरी पुलिस की छवि
गोरखपुर जोन के 11 जिलों की पुलिस की छवि जनता के बीच में सुधरी है। मार्च की तुलना में अप्रैल में जनता से मिले फीडबैक में पुलिस की छवि को बेहतर बताया गया है। हालांकि, आईजीआरएस और एफआईआर दर्ज करने में पुलिस की छवि पहले से और बिगड़ी ही सामने आई है।

जानकारी के मुताबिक, एडीजी जोन अखिल कुमार के निर्देश पर हुए सर्वे में मार्च की अपेक्षा अप्रैल में जनता का फीडबैक पुलिस के पक्ष में आया है। एडीजी का कहना है कि अफसरों की लगातार मानीटरिंग से पुलिस ने बेहतर काम किया है। जनता के बीच छवि सुधरी है। अगले चरणों में और ज्यादा सुधार की गुंजाइश है।

ट्विटर पर मार्च में 35 प्रतिशत लोगों ने पुलिस को बेहतर बताया था तो अप्रैल में यह आंकड़ा बढ़कर 43.2 प्रतिशत हो गया है। पीआरवी के रिस्पांस को भी जनता ने सराहा है। 75.88 प्रतिशत लोगों ने कहा कि सूचना मिलते ही पीआरवी पहुंचती है। ज्यादातर मामलों में कार्रवाई बेहतर रहती है।
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