आमतौर पर पुलिस का नाम आते ही लोगों के जहन में एक अजब सा डर पैदा हो जाता है लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि शुक्रवार को वही पुलिस खुद डर गई थी। वजह ही ऐसी थी पुलिस की गर्दन इस तरह से फंसी थी कि अगर इसमें चूक होती तो मामला बिगड़ सकता था।
दरअसल, खोराबार इलाके में हत्या करने के आरोप में पूर्व बीडीसी राम लक्षण और उनके चार बेटों को पुलिस ने हिरासत में लिया था। लिखा पढ़ी में गिरफ्तारी दिखाने के बाद शुक्रवार की शाम पुलिस वाले मेडिकल कराने के लिए स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे थे।
बिना डॉक्टरी जांच के इन्हें न्यायालय में पेश नहीं कर सकते थे और जेल नहीं भेजा जा सकता था। दूसरी ओर परेशानी यह बनी थी कि 24 घंटे के अंदर उनको इस काम को पूरा करना ही है। इसी बीच पुलिस वालों का स्वास्थ्य केंद्र कर्मचारियों से विवाद हो गया।
कर्मचारियों ने मेडिकल करने से मना किया तो पुलिस वाले जिला अस्पताल पहुंच गए लेकिन यहां पर भी मेडिकल नहीं हो पाया। इसके बाद पुलिस अफसरों के भी हाथ-पांव फूल गए। कानूनी प्रक्रिया में देरी ना हो इस वजह से एसएसपी ने खुद सीएमओ से वार्तालाप किया और फिर किसी तरह से रात में 10:00 बजे मेडिकल कराने के बाद प्रक्रिया को पूरा किया गया।