कार्यक्रम का संचालन मधु पांडेय व जगनैन सिंह नीटू ने किया। इस मौके पर राष्ट्रीय संगठक जयघोष महाराज, राष्ट्रीय उपाध्याय आशीष वाजपेयी, राष्ट्रीय महामंत्री महामंडलेश्वर सरोजनी गिरी, उत्तर प्रदेश युवा प्रभाग के प्रदेश अध्यक्ष अजित बरनवाल, विभा बरनवाल, सत्येंद्र साहनी, श्याम रतन, अमित दुबे, स्नेहलता मिश्रा, नेहा चौधरी, कंचन सोनी, गिरिजेश अग्रवाल, प्रवीण सिंह मौजूद रहे।
प्रह्लाद मोदी ने कहा कि केंद्र सरकार जो भी जनकल्याणकारी योजनाएं चला रही है, उसके केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ही हैं। नरेंद्र मोदी ने बचपन में जो दर्द झेला था, उसे देश की जनता को न झेलना पड़े, इसलिए 177 तरह की जनकल्याणकारी योजनाएं शुरू कराईं हैं। नरेंद्र मोदी ने बचपन में चूल्हे पर मां को खाना पकाते और धुएं की वजह से आंखों से आंसुओं को निकलते देखा था। इसी से प्रेरणा ली और उज्ज्वला योजना की शुरूआत कर दी। अब माताओं व बहनों को लकड़ी से चूल्हे पर खाना बनाने की जरूरत नहीं पड़ती है। यह योजना करोड़ों माताओं की आंसू पोछ रही है।
पहले कागजों में बनती थीं सड़कें
प्रह्लाद मोदी ने कहा कि पिछली सरकारों में सड़कें कागजों पर बनती थीं पर अब ऐसा नहीं है। प्रधानमंत्री जनकल्याणकारी योजना प्रचार-प्रसार अभियान के तहत सड़कों की निगरानी की जाती है। जहां गड़बड़ी होती है, वहां प्रशासनिक अधिकारियों के संज्ञान में मामला लाया जाता है। सड़क की गुणवत्ता बेहतर हो, यही प्रयास रहता है। प्रह्लाद मोदी गोरखपुर के सर्किट हाउस में रुके हैं। वह रविवार को सुबह आठ बजे गोरखपुर से रवना होंगे। सर्किट हाउस में भी तमाम लोगों से मुलाकात की।
प्रह्लाद मोदी ने कहा कि संगठन से जुड़ा हर पदाधिकारी, कार्यकर्ता हर उस पात्र व्यक्ति तक पहुंचे जिन्हें जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। यदि अफसर समस्या के समाधान में रुचि न लें तो सीधे प्रदेश इकाई को बताएं। प्रदेश इकाई स्तर से राष्ट्रीय संगठन को जानकारी दी जाएगी। हर व्यक्ति को जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिले, यह दायित्व जिम्मेदारी से निभाना है। जन-जन को कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी जा जाए ताकि भ्रष्टाचार से मुक्त व्यवस्था बनाई जा सके।
गुरु गोरखनाथ के दर्शन किये
पीएम मोदी के भाई प्रह्लाद मोदी देरशाम गोरखनाथ मंदिर गए। वहां गुरु गोरखनाथ के दर्शन किए। इस बीच राष्ट्र वंदन समिति के प्रदेश अध्यक्ष विजय खेमका, प्रदेश संयोजक दुर्गेश त्रिपाठी, मुकेश दुआ और संजीव सोढ़ी ने उन्हें सम्मानित किया। राष्ट्र वंदन समिति की ओर से भारत माता का चित्र भेंट किया।