सिद्धार्थनगर जिले में मौजूदा स्वास्थ्य प्रणाली में नया अध्याय लिखने जा रहे राजकीय मेडिकल कॉलेज का उद्घाटन 30 जुलाई को होगा। इसका उद्घाटन करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आएंगे। वह जिला जेल के सामने बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय परिसर में जनसभा को भी संबोधित करेंगे। प्रधानमंत्री के प्रस्तावित कार्यक्रम की जानकारी मिलते ही प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां तेज कर दी गई हैं।
वर्ष 2018 में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिले में बेहतर स्वास्थ्य सुविधा को बढ़ावा देने के लिए मेडिकल कॉलेज का शिलान्यास किया था। उन्होंने तीन वर्ष के भीतर ओपीडी के साथ एमबीबीएस की पढ़ाई शुरू कराने की घोषणा भी की थी।
संयुक्त जिला अस्पताल का मेडिकल कॉलेज में विलय होने के बाद ओपीडी भी शुरू हो चुकी है। अब बारी मेडिकल कॉलेज के औपचारिक रूप से उद्घाटन की थी। बीते 15 जुलाई को दिल्ली से ही पीएम नरेंद्र मोदी की ओर से वर्चुअल उद्घाटन का कार्यक्रम प्रस्तावित था।
मंगलवार को शासन स्तर से हुई वीडियो कांफ्रेसिंग में दी गई जानकारी की पुष्टि करते हुए मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सलिल श्रीवास्तव ने बताया कि 30 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सिद्धार्थनगर आने की सूचना मिली है। वह कॉलेज का उद्घाटन करने के साथ ही बीएसए ग्राउंड परिसर में आयोजित कार्यक्रम को भी संबोधित कर सकते हैं। डीएम दीपक मीणा ने बताया कि प्रधानमंत्री के कार्यक्रम की मौखिक सूचना मिल गई है।
बुद्ध भूमि से कर सकते हैं अन्य आठ कॉलेज का भी उद्घाटन
30 जुलाई को जिले में आ रहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्रदेश के अन्य नए मेडिकल कॉलेजों का भी वर्चुअल उद्घाटन कर सकते हैं। इन नए कॉलेजों में देवरिया, एटा, फतेहपुर, गाजीपुर, हरदोई, जौनपुर, मिर्जापुर, प्रतापगढ़ भी शामिल हैं।
सोमवार को आ सकती है एमसीआई टीम
प्रधानमंत्री का कार्यक्रम तय होने के बाद मेडिकल कॉलेज के लिए तय मानकों की जांच के लिए सोमवार को मेडिकल कौंसिल ऑफ इंडिया की टीम आ सकती है। मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने एमसीआई को पत्र भेजा था, जिसमें मानक बताए गए थे। टीम के सदस्य सभी आवश्यक उपायों पर जांच करेगी।
इतिहास में दर्ज होगा पीएम का कार्यक्रम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 30 जुलाई को सिद्धार्थनगर का कार्यक्रम इतिहास में दर्ज होगा। अब तक वह जितनी बार जिले में आए, उन्होंने सिर्फ चुनावी रैलियों को ही संबोधित किया। मेडिकल कॉलेज का उद्घाटन कार्यक्रम चुनावी स्टंट से अलग होगा। पहली बार बिना चुनावी सभा के प्रधानमंत्री जिले में आएंगे।