गोरखपुर मंच पर जाने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खाद कारखाना परिसर में ही लगाई गई, प्रदर्शनी में खाद कारखाना एवं अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) की विकास यात्रा को देखा। उन्होंने पूरी प्रदर्शनी का अवलोकन किया और खाद कारखाना व एम्स के साथ ही क्षेत्रीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान केंद्र (आरएमआरसी) के नौ प्रयोगशालाओं के बारे में भी जानकारी ली।
मंगलवार की दोपहर करीब 12.50 बजे एयरपोर्ट से खाद कारखाना परिसर स्थित हेलीपैड पर पहुंचे प्रधानमंत्री, सबसे पहले प्रदर्शनी में पहुंचे। हिन्दुस्तान उर्वरक एवं रसायन लिमिटेड (एचयूआरएल) द्वारा लगाई गई, इस प्रदर्शनी में खाद कारखाना के इतिहास, बंद होने के कारण, उसके बाद स्थापना के लिए किए गए प्रयास, स्थापना की घोषणा, शिलान्यास से लेकर निर्माण पूरा होने तक का विवरण प्रदर्शित किया गया।
भारत सरकार के सचिव उर्वरक आरके चतुर्वेदी ने पहले प्रदर्शनी में रखे खाद कारखाना के माडल के जरिए प्रधानमंत्री को कारखाने की खूबियों के बारे में जानकारी दी। इसके बाद स्वास्थ्य मंत्रालय के सचिव ने एम्स के शिलान्यास से लेकर स्थापना तक की यात्रा के बारे में बताया।
साथ ही दोनों अधिकारियों ने कारखाना और एम्स की स्थापना के बाद इस क्षेत्र को होने वाले लाभ भी गिनाए। साथ ही आरएमआरसी के नौ प्रयोगशालाओं के बारे में भी प्रधानमंत्री को जानकारी दी। प्रदर्शनी के निरीक्षण के दौरान राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, भारत सरकार के सचिव, एचयूआरएल के प्रबंध निदेशक, एम्स की निदेशक आदि मौजू रहे।