जीडीए उपाध्यक्ष प्रेम रंजन सिंह।
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कमिश्नर रवि कुमार एनजी के निर्देश पर अमल करते हुए गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने रामगढ़ताल और तरकुलानी प्राकृतिक नाला के किनारे प्लॉटिंग पर रोक लगाने की तैयारी शुरू कर दी है। नाले से सटी जिसकी भी जमीनें हैं, उनके नामों की सूची तैयार की जा रही है। इसके बाद उन्हें नोटिस देकर नाले के आस-पास प्लॉटिंग नहीं करने की चेतावनी जारी की जाएगी। निर्देश की अनदेखी कर प्लॉटिंग करने वालों या निर्माण कराने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। यह प्रतिबंध नाले के दोनों तरफ 10-10 मीटर तक रहेगा।
तारामंडल व रामगढ़ताल क्षेत्र से जलनिकासी के लिए इस नाले की ड्रेजिंग की तैयारी चल रही है। पहले से ही यहां अतिक्रमण है, जिसे हटाया जाएगा। खाली जमीन पर निर्माण न हो, इसके लिए प्लॉटिंग रोकी जा रही है। करीब 15 किलोमीटर लंबे इस प्राकृतिक नाले का पिछले सप्ताह कमिश्नर रवि कुमार एनजी ने निरीक्षण किया था।
उन्होंने नाले का सीमांकन करते हुए अतिक्रमण हटाने और इसके दोनों ओर 10-10 मीटर तक के क्षेत्र को नो कंस्ट्रक्शन जोन घोषित करने का निर्देश दिया था। मुख्यमंत्री के निर्देश पर सिंचाई विभाग की ओर से इसकी ड्रेजिंग की कार्ययोजना तैयार की जा रही है। बरसात से पहले इस नाले की ड्रेजिंग की जाएगी।
सदर तहसील को नाले का चिह्नांकन करने को कहा गया है। निरीक्षण के दौरान यह भी पाया गया था कि कुछ स्थानों पर नाले के किनारे प्लॉटिंग भी की जा रही है।
जीडीए उपाध्यक्ष प्रेमरंजन सिंह ने कहा कि रामगढ़ताल-तरकुलानी नाला के किनारे प्लॉटिंग पर पूरी तरह से रोक लगाई जा रही है। जीडीए के क्षेत्र में कहीं भी बिना अनुमति के प्लॉटिंग नहीं हो सकती है। सभी लोगों को नोटिस जारी किया जा रहा है।