मुख्यमंत्री के निर्देश पर दो दिनों से जिले के पेट्रोल पंपों की जांच शुरू की गई है। सोमवार को बड़हलगंज स्थित इंडियन ऑयल कारपोरेशन लिमिटेड के कृषि परिवहन केंद्र पेट्रोल पंप पर बड़ी गड़बड़ी सामने आई।
जांच में पाया गया कि अभिलेखों में दर्ज जानकारी से 1048 लीटर डीजल और 996 लीटर पेट्रोल कम पाया गया। इस पर जिलापूर्ति अधिकारी (डीएसओ) रामेंद्र प्रताप सिंह ने पेट्रोल पंप का लाइसेंस निरस्त करने के साथ ही पंप मालिक को नोटिस जारी किया है। उनका कहना है कि जवाब संतोषजनक नहीं मिला तो कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के सभी जिलों में पेट्रोल पंपों की जांच करने के निर्देश दे रखे हैं। इसी क्रम में दो दिनों के भीतर टीम ने खोराबार और गोला तहसील क्षेत्र के तीन-तीन पेट्रोल पंपों की जांच की। सोमवार को एसडीएम गोला रोहित कुमार मौर्य और डीएसओ रामेंद्र प्रताप सिंह की अगुवाई में जिलापूर्ति विभाग और आईओसी के अधिकारियों ने बड़हलगंज स्थित कृषि परिवहन केंद्र की जांच की।
वहां मानक के मुताबिक कुछ भी नहीं मिला। न तो मौके पर पानी, हवा की कोई व्यवस्था मिली और न ही टॉयलेट ही उपयोग लायक मिला। टीम ने जब स्टॉक रजिस्टर की जांच की तो बड़ी गड़बड़ी सामने आई। रजिस्टर में दर्ज जानकारी से मौके पर सैकड़ों लीटर पेट्रोल और डीजल कम पाया गया। पूछताछ के दौरान पेट्रोल पंप प्रबंधन व कर्मचारी संतोषजनक जवाब नहीं दे सके।
इसपर डीएसओ ने पेट्रोल पंप मालिक सतीश कुमार पांडेय को नोटिस जारी कर जवाब तलब करते हुए उनका लाइसेंस निरस्त कर दिया। खोराबार समेत पांच पेट्रोल पंपों पर खामियां नहीं मिलीं। जांच करने वाली टीम में एसडीएम व डीएसओ के अलावा पूर्ति निरीक्षक अरुण सिंह, आईओसीएल के विक्रय अधिकारी प्रशांत कुमार तिवारी, बाट माप निरीक्षक अजीत कुमार सिंह आदि मौजूद रहे।
पांच साल के भीतर बड़ी कार्रवाई
जिला पूर्ति निरीक्षक अरुण सिंह के मुताबिक पिछले पांच साल में कभी इतनी बड़ी कार्रवाई नहीं हुई। यह पहला मौका है जब किसी पेट्रोल पंप का लाइसेंस निरस्त किया गया है। विभाग का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। सभी पेट्रोल पंपों पर ग्राहकों की सुविधाओं का पूरा ध्यान रखना होगा। जांच में फ्री में हवा, पीने का शुद्ध पानी और ट्रॉयलेट आदि की व्यवस्था नहीं पाए जाने पर संबंधित पेट्रोल पंप के मालिकों पर कार्रवाई की जाएगी।