डॉक्टर्स-डे के अवसर पर लगाया गया पौधा।
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डॉ आरएस डोगरा के नाम पर नीम का पौधा, डॉ रजनीकांत आंवला, डॉ एम ग्यासुद्दीन जामुन, डॉ ओपी सिंह नीम, डॉ आरके आजमी अमलताश, डॉ जीआर आनंद अशोक का पौधा, डॉ वीरेंद्र बहादुर सिंह टैपियोका, डॉ अखिलेश पासवान जामुन, डॉ एसएन पाठक गुलमदार, डॉ जीतेंद्र पाल नीम, डॉ हरिद्वार गौड़ अशोक का पौधा, डॉ धर्मेंद्र गौतम यूकेलिप्टस, डॉ प्रणेश निगम जामुन, डॉ वीएम भाटिया आंवला, डॉ अब्दुल रशीद के नाम पर जामुन का पौधा लगाया गया।
इन चिकित्सकों की रही मौजूदगी
अध्यक्ष डॉ मंगलेश श्रीवास्तव, आईएम के पूर्व अध्यक्ष डॉ आरपी त्रिपाठी, डॉ नदीम अरशद, डॉ डीके सिंह, डॉ जेपी जायसवाल, डॉ वाई सिंह, डॉ रत्नेश् तिवारी, डॉ आरएन सिंह, डॉ अजय शुक्ला, डॉ भारतेंदु जैन, आईएमए उपाध्यक्ष डॉ एन त्रिगुण, डॉ शशिकांत दीक्षित, डॉ इमरान अख्तर, डॉ महेंद्र गुप्ता, डॉ संजीव गुप्ता, डॉ रजत कुमार आदि मौजूद रहे।
तीसरी लहर से बचने का कोविड टीका ही सबसे सुरक्षित और असरदार उपाय: आईएमए
शहीद डॉक्टरों की याद में पौधरोपण के बाद ऑनलाइन श्रद्धांजलि भी दी गई। इसी क्रम में इन्हीं चिकित्सकों की याद में ऑनलाइन संगोष्ठी का भी आयोजन किया गया। इसमें कोरोना कॉल में स्वास्थ्य के प्रति चुनौतियां और तीसरी लहर से निपटने के उपाय पर चर्चा की गई। संगोष्ठी में आईएमए के अध्यक्ष डॉ मंगलेश श्रीवास्तव ने कहा कि कोरोना ने स्वास्थ्य के क्षेत्र में बड़ा बदलाव किया है। इस महामारी की वजह से अब निजी अस्पताल भी काफी हद तक तैयार हो गए हैं। ऑक्सीजन, वेंटिलेटर जैसी उपयोगी संसाधन अब निजी अस्पतालों में बढ़ने लगे हैं। इस बीच तीसरी लहर के सवाल पर कहा कि टीका ही सबसे सुरक्षित और कारगार साधन है। ऐसे में लोग टीका जरूर लगवाएं।
सचिव डॉ वीएन अग्रवाल ने शहीद साथियों को श्रद्धांजलि दी। कहा कि कोरोना ने स्वास्थ्य के क्षेत्र में कई चुनौतियां बढ़ा दी है। महामारी से लड़ने के लिए संसाधन बेहतर करने होंगे। संसाधन के अभाव में कईयों की जान चल गई। उस कमी को अब निजी अस्पताल दूर कर रहे हैं। तीसरी लहर से बचने का सबसे जरूरी उपाय टीका है। इसलिए टीका जरूर लगवाएं।
डॉ अजय शुक्ला ने कहा कि पहली और दूसरी लहर में संसाधन कम थे, जबकि मरीजों की संख्या अचानक बढ़ गई। इसकी वजह से कईयों की जान चली गई। लेकिन तीसरी लहर से पहले सब कुछ तैयार किया जा रहा है। निजी अस्पतालों में भी ऑक्सीजन प्लांट लगाए जा रहे हैं। बच्चों के आईसीयू वार्ड बनाए जा रहे हैं। सीरो सर्वे में यह बात भी सामने आ चुकी है कि जिले के 85 प्रतिशत लोग संक्रमित हो चुके हैं। ऐसे में तीसरी लहर से काफी हद तक बड़ी आबादी प्रभावित नहीं होगी।
आईएम के पूर्व सचिव डॉ राजेश गुप्ता ने कहा कि जो लोग टीका लगवा सकते हैं। वह टीका जरूर लगवाएं। नई गाइडलाइन के तहत अब गर्भवती और स्तनपान कराने वाली भी टीका लगवा सकती है। इससे बच्चों को भी इम्युनिटी मिलेगी। बीआरडी मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायॉलोजी विभागाध्यक्ष डॉ अमरेश सिंह ने बताया कि पहली और दूसरी लहर में महामारी ने बहुत कुछ सीखा दिया है। यही वजह है कि तीसरी लहर से पहले सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है। बीआरडी में 100 बेड का पीडियाट्रिक वार्ड बनकर तैयार हो गया है। जांच के लिए अतरिक्त मशीनें भी आ गई है।
आईएमए के मीडिया प्रभारी डॉ अमित मिश्रा ने कहा कि महामारी ने यह संकेत दिए हैं कि स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में संसाधन बढ़ाने की जरूरत है। तीसरी लहर से पहले यह तैयारी अगर पूरी हो जाती है तो हमें कम नुकसान उठाना पड़ेगा। अगर वही हालात रहे तो स्थिति भयावह हो सकती है। ऐसे में लोग टीका जरूर लगवाएं।