गोरखपुर जिला अस्पताल में इलाज के लिए पहुंचे मरीज।
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गोरखपुर जिला अस्पताल में बुधवार को 1500 से अधिक मरीज पहुंच गए तो पर्ची बनवाने से लेकर डॉक्टर को दिखाने तक के लिए उन्हें घंटों लाइन में खड़ा होना पड़ा। सबसे अधिक मरीज मेडिसिन विभाग की ओपीडी में पहुंचे थे। इस विभाग में तीन डॉक्टरों के पास 400 से अधिक मरीज पहुंचे थे। इनमें अधिकतर को सर्दी, जुकाम और वायरल फीवर से पीड़ित थे।
जानकारी के अनुसार, शहर में जिला अस्पताल के अलावा बीआरडी मेडिकल कॉलेज, एम्स और महिला अस्पताल जैसे सरकारी स्वास्थ्य संस्थान हैं। इन संस्थानों की ओपीडी में भी आजकल ऐसा ही नजारा देखने को मिल रहा है।
कोरोना की दूसरी लहर में बंद ओपीडी जब से खुली है, दूसरी बीमारियों के मरीज इन अस्पतालों में इलाज के लिए पहुंचने लगे हैं। सोमवार को एम्स की ओपीडी में इतने मरीज पहुंच गए थे कि वहां भगदड़ मच गई थी।
दरअसल, इन अस्पतालों में जिले की आबादी के अलावा आसपास के जिलों के भी मरीज इलाज के लिए आते हैं। इस वजह से इन पर क्षमता से अधिक दबाव हो जाता है। जिला अस्पताल की ओपीडी की क्षमता 700 मरीजों की बताई जाती है, लेकिन यहां औसतन 1500 से अधिक मरीज हर रोज इलाज के लिए पहुंचते हैं।
इसी तरह जिला महिला अस्पताल की औसत क्षमता 300 मरीजों की है, लेकिन यहां हर रोज 500 से अधिक मरीज इलाज के लिए आते हैं। बीआरडी मेडिकल कॉलेज के सभी विभागों की ओपीडी में चार से पांच हजार मरीज प्रतिदिन इलाज के लिए पहुंचते हैं। यह संख्या में भी क्षमता की दोगुना बताई जाती है। इसी तरह एम्स की ओपीडी अभी शुरू ही हुई है। बताया जाता है कि यहां भी इलाज के लिए प्रतिदिन 14 से 15 सौ मरीज प्रतिदिन पहुंच रहे हैं।