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Petrol Diesel Price: गोरखपुर में कई दिनों बाद घटे पेट्रोल-डीजल के दाम, जानिए कितना है इनका भाव

Tue, 26 Oct 2021 11:36 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।

सार

गोरखपुर शहर में मंगलवार को पेट्रोल 104.62 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। वहीं डीजल 96.85 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। पेट्रोल के दाम में 0.22 पैसे की कटौती हुई है। वहीं डीजल के दाम में 0.20 पैसे कम हुए हैं।
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गोरखपुर में पेट्रोल-डीजल के दाम। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सरकारी तेल कंपनियों की ओर से आज पेट्रोल-डीजल के दामों में बदलाव किया गया है। गोरखपुर जिले में लगातार डीजल और पेट्रोल के दाम बढ़ रहे हैं। हालांकि मंगलवार को इनके दामों में घटोत्तरी दर्ज की गई है। इससे लोगों को थोड़ी राहत मिली है।

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गोरखपुर शहर में मंगलवार को पेट्रोल 104.62 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। वहीं डीजल 96.85 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। पेट्रोल के दाम में 0.22 पैसे की कटौती हुई है। वहीं डीजल के दाम में 0.20 पैसे कम हुए हैं।

इस महंगाई को लेकर लोग केंद्र सरकार को दोष दे रहे हैं। पेट्रोलियम पदार्थों के दाम जीएसटी के दायरे में लाने की मांग भी उठी। दो पहिया वाहन चालक हों या कार मालिक, सभी ने पेट्रोल के दाम बढ़ने से बजट बिगड़ने की चिंता जताई है। नौकरीपेशा, छोटे व्यापारी, कारोबारी, विद्यार्थी, गृहिणी, ट्रांसपोर्टर सभी पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने से बजट बिगड़ने और महंगाई बढ़ने की आशंका से ग्रस्त नजर आए।  
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प्रतिदिन सुबह छह बजे पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बदलाव होता है। सुबह छह बजे से ही नई दरें लागू हो जाती हैं। पेट्रोल व डीजल के दाम में एक्साइज ड्यूटी, डीलर कमीशन और अन्य चीजें जोड़ने के बाद इसका दाम लगभग दोगुना हो जाता है।

इन्हीं मानकों के आधार पर पर पेट्रोल रेट और डीजल रेट रोज तय करने का काम तेल कंपनियां करती हैं। डीलर पेट्रोल पंप चलाने वाले लोग हैं। वे खुद को खुदरा कीमतों पर उपभोक्ताओं के अंत में करो और अपने स्वयं के मार्जिन जोड़ने के बाद पेट्रोल बेचते हैं। पेट्रोल रेट और डीजल रेट में यह कॉस्ट भी जुड़ती है।

ट्रांसपोर्टरों पर पड़ रही दोहरी मार
गोरखपुर गुड्स ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष मनीष सिंह ने बताया कि डीजल के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। ट्रांसपोर्टर्स को भी मजबूरी में माल भाड़े के दाम बढ़ाने पड़ रहे हैं लेकिन जिस मात्रा में डीजल के दाम बढ़े हैं उस अनुपात में माला भाड़ा नहीं बढ़ाया गया है। इससे ट्रांसपोर्टरों को लागत बढ़ने और आय कम होने का दोहरा नुकसान उठाना पड़ रहा है। माल भाड़े में वृद्धि होने से महंगाई भी बढ़ रही है। सरकार को जनहित में कदम उठाते हुए ईंधन के दाम कम करने चाहिए।
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