फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हजारों किमी का सफर करने के बाद अपने ही जिले में नहीं मिल रहा प्रवेश, जानें क्या है वजह

Sat, 16 May 2020 02:40 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।

सार

  • गोरखपुर प्रशासन से जारी पास पर कई को उनके जिलों और राज्यों में नहीं मिल रहा प्रवेश  
  • दूसरे प्रांतों के 4500 लोग अब भी गोरखपुर में फंसे हैं, चल रही स्क्रीनिंग
विज्ञापन
Gorakhpur news - फोटो : अमर उजाला।
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

50 दिन परदेस में अनजान जगह पर फंसे रहे। थोड़ी ढील मिली तो दौड़-धूप कर किसी तरह अपने घर जाने के लिए पास भी बनवा लिया। मगर, जब हजारों किलोमीटर की यात्रा कर किसी तरह घर के नजदीक पहुंचे तो बेगाने जैसा व्यवहार हुआ। अपने ही प्रांत और जिले के बॉर्डर पर रोक लिया गया।

विज्ञापन


लॉकडाउन में गोरखपुर से अपने गृह प्रदेश (आंध्र प्रदेश ) पहुंचे एक व्यक्ति के साथ भी ऐसा ही हुआ। एडीएम (फाइनेंस) से ट्रांजिट पास बनवाकर वह प्राइवेट गाड़ी से गुरुवार को आंध्र प्रदेश की सीमा पर पहुंचा, मगर उसे वहीं पर रोक लिया गया। पुलिस भीतर नहीं जाने दे रही थी। घबराकर उसने एडीएम फाइनेंस को फोन लगाया।

उन्होंने उसे हौसला दिया और वहां की पुलिस से अनुरोध कर अपनी परेशानी बताने को कहा कि कैसे कई दिन तक वह लॉकडाउन में फंसा था। कितनी दिक्कत हुई और कैसे हजारों किलोमीटर का सफर कर वह वहां तक पहुंचा। उसे भले ही होम क्वारंटीन कर दिया जाए, मगर घर जाने दिया जाए।

विज्ञापन

कुछ घंटों के बाद संबंधित व्यक्ति का फिर फोन आया और उसने एडीएम के प्रति आभार व्यक्त करते हुए सूचना दी कि कैसे तमाम तरह की मशक्कत के बाद पुलिस उसे अपने ही प्रांत में एंट्री करने दी। इस तरह की दिक्कत से सिर्फ आंध्र प्रदेश ही नहीं पंजाब, दिल्ली, बिहार, कर्नाटक, गुजरात जाने वालों के साथ ही साथ बाहर से गोरखपुर आने वालों भी रूबरू हो रहे हैं।

गगहा, बड़हलगंज, जंगल कौड़िया, पिपरौली आदि ब्लाकों में तो सरकार के निर्देश के बाद भी गांव वाले ही प्रवेश नहीं करने दे रहे। कोई बाहर ही अस्थायी छप्पर डालकर क्वांरटीन है तो कोई गांव के बाहर स्कूल और बगीचे में।

जिले में अब भी करीब 4500 लोग ऐसे फंसे हैं जो दूसरे प्रांतों से हैं। यह सिर्फ वह संख्या है जिन लोगों ने खुद प्रशासन को जानकारी दी है। तमाम लोगों के बारे में तो अभी प्रशासन के पास जानकारी ही नहीं है। 
विज्ञापन

एडीएम फाइनेंस राजेश कुमार सिंह ने बताया कि जो भी लोग दूसरे प्रांतों या प्रदेश के भीतर ही दूसरे जिलों के हैं। वे अगर अपने घर जाना चाहते हैं और उन्हें हाल-फिलहाल में वापस नहीं आना है तो ऐसे सभी लोगों को पास जारी किए जा रहे हैं। प्रशासन के पास ऐसे 4500 लोगों ने सूचना दी है। सभी को फोन कर पास बनवाने और घर लौटने की सूचना दी जा रही है।

गोरखपुर के 31 हजार लोग बाहर फंसे
दिल्ली, महाराष्ट्र व गुजरात समेत देश के विभिन्न राज्यों में फंसे करीब 31500 लोगों ने घर वापसी के लिए जिला प्रशासन से गुहार लगाई है। इन लोगों ने जिला प्रशासन के पोर्टल wecaregorakhpur.in पर घर वापसी के लिए ऑनलाइन आवेदन किया है।

प्रशासन के आंकड़ों के मुताबिक सर्वाधिक लोग महाराष्ट्र में फंसे हैं जबकि इसके बाद दिल्ली व गुजरात का नंबर आता है। बाहर फंसे लोगों वापस बुलाने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारी शुरू कर दी है। इसके अलावा बड़ी संख्या में बाहर फंसे लोग भोजन आदि नहीं मिलने की समस्या भी बता रहे हैं जिसका निस्तारण भी जिला प्रशासन संबंधित जनपदों के कंट्रोल रूम में बात कर, करा रहा है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें