प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हरी झंडी दिखाने के एक माह बाद भी गोरखपुर शहर में ई-बसें नहीं चल पाई हैं। अब एडिशनल चीफ सेक्रेटरी नगर विकास डॉ. रजनीश दुबे ने बसों के संचालन के लिए जिम्मेदार कंपनी पीएमआई को 15 नवंबर तक इलेक्ट्रिक बस चार्जिंग स्टेशन तैयार नहीं करने पर कार्रवाई की चेतावनी दी है। बताया जा रहा है कि इसके बाद पीएमआई ने अपने कार्य में तेजी लाई है। कंपनी का दावा है कि 15-16 दिसंबर तक कार्य पूरा कर लिया जाएगा।
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वैसे ई-बसों का संचालन अभी तक शुरू नहीं हो पाने के लिए नगर निगम भी कम जिम्मेदार नहीं है। उसकी तरफ से की जाने वाली तैयारियां भी पूरी नहीं हुई हैं। नगर निगम ने अब एप्रोच सड़क के निर्माण का काम शुरू किया है। यह काम कब पूरा होगा कहा नहीं जा सकता। वैसे निगम के अधिकारी इसे जल्द ही पूरा करने का दावा करते हैं। वहीं, ई-बसों के संचालन में तकनीकी दिक्कत की भी आशंका जताई जा रही हैं। हालांकि नगर निगम के अधिकारी इससे भी इनकार करते हैं। उनका कहना है कि शहर की सड़कें लो फ्लोर बसों के संचालन के लए एकदम उपयुक्त हैं। जानकार कहते हैं कि सड़कें लो फ्लोर बसों के लिए कितनी उपयुक्त हैं यह तो बसों के सड़क पर चलने के बाद ही पता चलेगा।
बता दें कि बीती छह अक्तूबर को लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गोरखपुर सहित प्रदेश के सात नगर निगमों में चलने वाली ई-बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। गोरखपुर में चार्जिंग स्टेशन का काम पूरा नहीं होने की वजह से अब तक ई-बसों का संचालन शुरू नहीं हो सका है। शहर में 25 इलेक्ट्रिक बसें चलनी हैं। इनमें से 15 आ भी चुकी हैं। इन बसों को नौसड़ बस स्टेशन में खड़ा किया गया है।
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साइट इंजीनियर पवन कुमार ने बताया कि 15-16 नवंबर तक चार्जिंग स्टेशन का काम पूरा कर लिया जाएगा। इस संबंध में नगर निगम प्रशासन एवं शासन को अवगत कराया जा चुका है।
नगर निगम के चीफ इंजीनियर सुरेश चंद ने बताया कि एडिशनल चीफ सेक्रेटरी ने पिछली बैठक में पीएमआई कंपनी को चेेतावनी दी है कि 15 नवंबर तक निर्माण कार्य पूरा नहीं किया गया तो कार्रवाई होगी। अगर कंपनी देर करती है तो उसके खिलाफ शासन को पत्र लिखा जाएगा।