आंतरिक परीक्षा के प्रपत्र में पहले से छात्र के नाम के आगे अंक चढ़ने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। गोरखपुर विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक ने जहां दिग्विजयनाथ पीजी कॉलेज को नोटिस भेज कर उनका लॉगिन पासवर्ड लीक होने से आंतरिक परीक्षा में छात्रों का नंबर चढ़ाने से अवगत कराया है। वहीं इस मामले में कॉलेज के प्राचार्य ने विश्वविद्यालय पर अपनी गलती को उनके माथे मढ़ने का आरोप लगाते हुए उच्च शिक्षा विभाग व राजभवन से शिकायत की चेतावनी दी है।
दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेजों से आंतरिक परीक्षा का प्रपत्र डाउनलोड करने पर उनपर अंक पहले से चढ़ा होने का मामला प्रकाश में आया था। मामला तब खुला जब दिग्विजयनाथ पीजी कॉलेज के सैन्य विज्ञान की आंतरिक परीक्षा के लिए पोर्टल से आंतरिक परीक्षा के लिए प्रपत्र को डाउनलोड कराया गया। डाउनलोड प्रपत्र में छात्रों के नाम के आगे पहले से आंतरिक परीक्षा का अंक चढ़ा हुआ था जबकि उस खाने को खाली रहना चाहिए।
बृहस्पतिवार को समाचार पत्रों में अखबार प्रमुखता से प्रकाशित होने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन इस मामले को लेकर गंभीर हो गया। विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक डॉ. कुलदीप सिंह ने इसकी जांच कराई तो मालूम चला कि कॉलेज के लॉगिन व पासवर्ड से 29 जनवरी की भोर में 3:59 बजे खोल कर नंबर चढ़ाया गया है। परीक्षा नियंत्रक ने इसकी जानकारी देते हुए कॉलेज को नोटिस जारी कर उसकी लापरवाही से अवगत कराया है।
वहीं इस मामले में कॉलेज के प्राचार्य डॉ. ओम प्रकाश सिंह ने बताया कि मंगलवार को उन्हें जब आंतरिक परीक्षा के प्रपत्र पर अंक चढ़े होने की जानकारी मिली तो उन्होंने इसकी शिकायत विश्वविद्यालय प्रशासन से की। बाद में विश्वविद्यालय द्वारा गलती का ठीकरा कॉलेज के सिर फोड़ा जा रहा है।
इस पर उन्होंने परीक्षा नियंत्रक को पत्र लिखा है जिसमें कहा गया कि ''विश्वविद्यालय अपनी गलती को महाविद्यालय के सर पर मढ़कर खुद को निर्दोष साबित करना चाहता है। यह कृत्य अत्यंत खेदजनक एवं गुमराह करने वाला है।'' पत्र के अंत में अपने उत्तरदायित्व की गलतियों को महाविद्यालय के ऊपर थोपने से बचें अन्यथा की स्थिति में प्रकरण से उच्चशिक्षा विभाग एवं राजभवन को अवगत कराने की चेतावनी दी है।