एक जिला-एक खेल योजना के तहत गोरखपुर जिले से कुश्ती का चयन हुआ है। जिसके बाद से कुश्ती के खिलाड़ियों के लिए और भी बेहतर संसाधन उपलब्ध कराएं जाने की राह आसान हो गई है। रीजनल स्पोर्ट्स स्टेडियम के प्रस्ताव पर शासन ने अपनी मुहर लगा दी है।
भारतीय खेल प्राधिकरण/खेल मंत्रालय द्वारा हर जिले में ओलंपिक पहचान वाले एक खेल सेंटर विकसित किए जाने के लिए प्रस्ताव मंगाए गए थे। इनमें 14 खेलों तीरंदाजी, साइकिलिंग, तलवारबाजी, हॉकी, एथलेटिक्स, मुक्केबाजी, बैडमिंटन, जूडो, रोइंग, शूटिंग, तैराकी, टेबल टेनिस, भारोत्तोलन, कुश्ती में से किसी एक का चयन हर जिले में किया जाना था।
नवंबर 2020 में क्षेत्रीय खेल कार्यालय द्वारा हॉकी और कुश्ती में किसी एक खेल पर मंथन करने के बाद कुश्ती का प्रस्ताव भेजा गया था। शासन ने अब उस पर मुहर लगा दी है।
गोरखपुर से कई पहलवानों ने यहां की माटी का नाम रोशन किया है। इनमें दिनेश सिंह, रामचंद्र यादव, पन्नेलाल यादव, राम मिलन यादव, रामाश्रय यादव, स्व.तालुकदार यादव, जनार्दन यादव, चंद्र विजय सिंह आदि लोगों का नाम शामिल है।
गोरखपुर मंडल के अंतर्गत चुने गए खेल
गोरखपुर कुश्ती
देवरिया कुश्ती
महराजगंज कुश्ती
कुशीनगर बॉक्सिंग
यूपी कुश्ती संघ के उपाध्यक्ष दिनेश सिंह ने कहा कि गोरखपुर की सरजमीं से निकले कई अंतरराष्ट्रीय पहलवानों ने देश का मस्तक ऊंचा किया है। कुश्ती गांव और मिट्टी से जुड़ा खेल है। कुश्ती के गोरखपुर का खेल होने से खिलाड़ियों को और प्रोत्साहन मिलेगा।