फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ग्राम स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस: अब छाया ग्राम स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस के रूप में मनेगा वीएचएनडी

Sat, 07 May 2022 03:22 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।

सार

परिवार नियोजन कार्यक्रम के मंडलीय प्रबंधक अवनीश चंद्र ने बताया कि वीएचएनडी पर गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को परिवार नियोजन की सेवाएं दी जाती हैं। गर्भवती और दो साल तक की उम्र के बच्चों का टीकाकरण किया जाता है।
विज्ञापन
स्वास्थ् - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

गोरखपुर जिले में प्रत्येक बुधवार और शनिवार को मनाया जाने वाला ग्राम स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस (वीएचएनडी) अब छाया ग्राम स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस के रूप में मनाया जाएगा। इसे लेकर अपर मुख्य सचिव अमित मोहन प्रसाद ने परिवार कल्याण विभाग के महानिदेशक सहित राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की निदेशक और प्रदेश के सभी डीएम, सीएमओ को पत्र लिखकर निर्देश जारी किए हैं।

विज्ञापन


अपर मुख्य सचिव ने कहा है कि छाया गोली एक नॉन हार्मोनल दवा है। महिलाएं इसका प्रयोग गर्भ निरोधक के तौर पर करती हैं। महिलाओं के स्वास्थ्य पर इसका कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ता है। परिवार नियोजन कार्यक्रम की जानकारी देने के उद्देश्य से प्रत्येक बुधवार और शनिवार को मनाए जाने वाले ग्राम स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस में अब गर्भ निरोधक छाया गोली को जोड़ते हुए इसे छाया ग्राम स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस के रूप में मनाया जाएगा।

एएनएम, आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के सहयोग से आयोजित होने वाला वीएचएनडी स्वास्थ्य उपकेंद्रों, आंगनबाड़ी केंद्रों, स्कूल, सार्वजनिक भवनों आदि पर मनाया जाएगा। हर माह के पहले बुधवार को स्वास्थ्य उपकेंद्र पर यह आयोजन किया जाएगा। इसके अलावा अन्य आयोजन रोस्टर के अनुसार होंगे। सीएमओ डॉ. आशुतोष कुमार दूबे ने बताया कि अपर मुख्य सचिव का पत्र मिला है। इसे लेकर तैयारियां तेज कर दी गईं हैं। आगामी वीएचएनडी को जिले भर में छाया वीएचएनडी के रूप में मनाया जाएगा।

यह सुविधा मिलती है

परिवार नियोजन कार्यक्रम के मंडलीय प्रबंधक अवनीश चंद्र ने बताया कि वीएचएनडी पर गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को परिवार नियोजन की सेवाएं दी जाती हैं। गर्भवती और दो साल तक की उम्र के बच्चों का टीकाकरण किया जाता है। दस से 19 साल तक की आयुवर्ग के किशोर-किशोरियों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें आवश्कतानुसार कैल्शियम और आयरन की गोलियां दी जाती हैं। कुपोषित और अति कुपोषित बच्चों को पोषण पुनर्वास केंद्र के लिए रेफर किया जाता है।

विज्ञापन
विज्ञापन



 

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें