अब गोरखपुर जिले के सभी कानूनगो और लेखपालों की उनके काम के आधार पर रैंक बनाई जाएगी। हर माह के पहले सप्ताह में इसकी गणना की जाएगी। अलग-अलग कार्यों के लिए मिले अंकों के आधार पर रैंक तय होगी। 20 अंकों की परीक्षा भी कराई जाएगी। अच्छी रैंक वालों को पुरस्कार मिलेगा। खराब रैंक वालों पर कार्रवाई होगी। 20 नंबर की परीक्षा में राजस्व नियमावली, शासन की योजनाओं एवं सामान्य कार्यप्रणाली से जुड़े प्रश्न पूछे जाएंगे।
लेखपालों को प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना में उनके क्षेत्र के सभी भूमिहीनों का चयन करने पर पांच अंक, नहीं करने की स्थिति में शून्य अंक दिए जाएंगे। सभी मृतकों की वरासत अंकित करने की स्थिति में पांच अंक दिए जाएंगे। क्षेत्र में कोई शिकायत लंबित नहीं है तो 10 अंक मिलेंगे। 10 मामले तक लंबित होने की दशा में दो अंक दिए मिलेंगे और 10 से अधिक मामले लंबित होने पर शून्य अंक मिलेगा। आय, जाति, निवास प्रमाणपत्र एवं अन्य जांच प्रकरणों का निस्तारण पांच दिन में करने पर 10 अंक, सात दिन में करने पर आठ अंक, नौ दिन में करने पर पांच अंक दिए जाएंगे। इससे अधिक समय लगा तो एक भी अंक नहीं मिलेगा।
पट्टे पर शत-फीसद कब्जा है तो 10 अंक मिलेंगे वर्ना शून्य अंक मिलेंगे। किसी लेखपाल गत एक वर्ष में यदि एक एकड़ या अधिक भूमि कब्जा से मुक्त करायी हो तो 10 अंक दिए जाएंगे, इससे कम जमीन कब्जामुक्त कराने की स्थिति में शून्य अंक दिए जाएंगे। कार्यशैली, उपस्थिति, निष्पक्षता एवं ईमानदारी के लिए एसडीएम अधिकतम 20 अंक दे सकेंगे। मंगलवार को गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में आयोजित लेखपालों, कानूनगो के प्रशिक्षण में डीएम ने नई व्यवस्था के बारे में सभी लेखपालों को जानकारी दी। उन्हें प्रोत्साहित किया और समय से अपने कामों का निस्तारण करने और लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ दिलाने का निर्देश दिया।
डीएम विजय किरन आनंद ने बताया कि लेखपाल और कानूनगो की कार्यशैली में सुधार के लिए उनकी रैंकिंग की जाएगी। विभिन्न कार्यों के आधार पर उन्हें अलग-अलग अंक दिए जाएंगे। परीक्षा भी कराई जाएगी। अंक के आधार पर रैंकिंग तय की जाएगी, जिससे लेखपालों की कार्यशैली की पहचान हो सकेगी। लगातार बेहतर कार्य करने वाले लेखपालों को सम्मानित किया जाएगा।