यही नहीं, जीएसटी की टीम घोड़े को खरीदने के संदर्भ की भी जांच करेगी। अगर व्यावसायिक गतिविधियों के लिए घोड़े खरीदकर लाए गए हैं, तो खरीद के समय से जांच के दौरान किए गए आर्थिक लाभ की गणना के आधार पर कर का निर्धारण किया जाएगा। शौकिया घोड़े पालने वालों को भी कर का भुगतान करना पड़ेगा।
ये जानवर खरीद-फरोख्त पर जीएसटी से बाहर
सूअर, गधा, भेड़, बकरी की खरीद-फरोख्त पर जीएसटी नहीं लगेगा। इसी तरह गाय, भैंस, कुत्ता, बैल, हाथी, ऊंट व अन्य पालतू पशुओं की खरीद-फरोख्त को जीएसटी के दायरे से बाहर रखा गया है।
ग्रेड-1 जीएसटी अपर आयुक्त विमल कुमार राय ने कहा कि घोड़े की खरीद-फरोख्त पर 12 प्रतिशत जीएसटी तय है। अगर किसी ने घोड़ा खरीदा है तो उसके पास जीएसटी चुकाने का पूरा ब्योरा होना चाहिए। जांच के समय खरीदी या बेची गई पर्ची के साथ जीएसटी भुगतान की रसीद होनी जरूरी है। ऐसा नहीं होने पर कर चोरी के दायरे में आ जाएंगे।